श्राद्ध पक्ष को लेकर लोगों में यह धारणा बनी हुई कि यह अशुभ समय होता है। इस दौरान कोई नई चीज नहीं खरीदनी चाहिए। ऐसी भी मान्यता है कि पितृपक्ष में खरीदे गए सामान पितरों को समर्पित होता है, जिसका उपयोग करना अनुचित है। क्योंकि वह प्रेत का अंश होता है। ऐसे में लोग इस प्रथा को तोड़ते हुए पहले से ही खरीदारी कर शुभ कर रहे हैं।
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निदेशक ऐश्प्रा जेम्स एंड ज्वेल्स वैभव सराफ ने कहा कि खरीदार इन दिनों पितृपक्ष से पहले ही अपने शुभ नक्षत्रों की खरीदारी करने लगे हैं। जिन्हें शादी के लिए या किसी शुभ के लिए आभूषणों की खरीदारी करनी है और समय का अभाव है तो लोग पहले ही छोटे आभूषणों से खरीदारी शुरू कर शुभ कर दे रहे हैं।
गोयल ज्वेल्स पंकज गोयल ने कहा कि पितृपक्ष में खरीदारी से लोग परहेज करते हैं। नवंबर और दिसंबर में शादी के लिए 12 मुहूर्त हैं। ऐसे में लोग पहले से ही खरीदारी कर अपनी तैयारियां करना चाह रहे हैं। इससे पितृपक्ष में भी खरीदारी कर सकेंगे।