डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के आह्वान पर फार्मासिस्टों ने शनिवार को सीएमओ कार्यालय पर धरना-प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने सीएमओ को मुख्यमंत्री के नाम 20 सूत्री मांग पत्र सौंपा। मांगें पूरी न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।
डिप्लोमा फार्मासिस्ट एसोसिएशन के अध्यक्ष उमेश पांडेय एवं मंत्री डीके सिंह ने कहा कि पांच से आठ दिसंबर तक काला फीता बांधकर विरोध दर्ज कराया जाएगा, जो आगे चलकर अनिश्चितकालीन हड़ताल का रूप ले लेगा। संगठन लगातार सरकार और शासन को पत्रों के माध्यम से मांगों से अवगत कराता रहा, लेकिन शासन की ओर से कोई पहल नहीं की जा रही है। कार्य एवं दायित्वों को देखते हुए वेतन उच्चीकरण की मांग पर वेतन कमेटी की रिपोर्ट पांच साल से लंबित है। 20 सालों से भत्तों का पुनरीक्षण नहीं हुआ है। प्रभारी अधिकारी फार्मेसी के लगभग 40 से अधिक पद एवं चीफ फार्मासिस्ट के सैकड़ों पद रिक्त हैं। ट्रॉमा सेंटर में अब तक फार्मासिस्ट के एक भी पद सृजित नहीं हैं।
इन मांगों को लगातार शासन नजरअंदाज करता रहा है। यही वजह है कि धरना प्रदर्शन का निर्णय लिया गया है। शनिवार को फार्मासिस्टों का धरना दोपहर दो बजे तक चलता रहा। धरने में सत्येन्द्र त्रिपाठी, डीडी भारती, वीरेंद्र चौधरी, संतोष सिंह, अशोक राय, ज्ञान भारती, प्रेम प्रकाश मिश्रा, गुंजन पांडेय, नित्यानंद, मो फारुख, शैलेश कुमार, अजय मिश्रा, संतोष तिवारी, ओमप्रकाश मिश्रा, भोजराज सिंह, आनंद सैनी, सतीश राय, सत्येंद्र शुक्ला, विनोद शुक्ला, अनिल सिंह, संतोष पाठक, अब्दुल सलाम, अरविंद सिंह,आरबी सिंह, रमेश सिंह, बृजकिशोर पटेल, अशोक सिंह आदि मौजूद रहे।
ये हैं प्रमुख मांगें
वेतन उच्चीकरण, संवर्ग पुनर्गठन, सीएचओ में फार्मासिस्टों की नियुक्ति, उपकेंद्र पर पदों का सृजन, न्यूनतम शैक्षिक योग्यता बी फार्मा या डिप्लोमा के साथ 2 वर्ष का अनुभव, सभी ड्रग वेयर हाउस, ट्रॉमा सेंटर में पदों का सृजन, हर बड़े अस्पताल में इमरजेंसी के अलावा अलग से चार इमरजेंसी फार्मासिस्ट की तैनाती, सीएमओ कार्यालय में जिला फार्मेसी अधिकारी की तैनाती, सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर तीन फार्मासिस्ट, दो चीफ फार्मासिस्ट के पद सृजित करने सहित अन्य मांगें।