करीब 15.96 करोड़ की राशि का निर्धारण किया गया और सभी ग्राम्य विकास विभाग को निर्देशित किया गया कि निर्धारित धनराशि को कर्मचारी भविष्य निधि कार्यालय में जमा कराया जाए। इसके बाद भी ग्राम्य विकास विभाग की ओर से बकाया धनराशि जमा नहीं कराई गई। पीएफ विभाग ने धनराशि के वसूली के लिए सभी ग्राम्य विकास विभाग के खिलाफ आरसी जारी की गई।
आरसी जारी करने के बाद कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय आयुक्त ने ग्राम्य विकास विभाग और ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना, लखनऊ के बैंक खाता को अटैच कर कुल 15.71 करोड़ राशि की वसूली कर ली। देवरिया और बस्ती जिले से वसूली की जानी है। जल्द ही इन दोनों जिलों से भी वसूली की कार्रवाई पूरी करने में विभाग जुटा है।
चलाया जा रहा है विशेष वसूली अभियान
कर्मचारी भविष्य निधि द्वारा बकाया भविष्य निधि राशि की वसूली के लिए जनवरी, फरवरी और मार्च में विशेष वसूली अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान ऐसे सभी संस्थानों जिनके उपर कर्मचारी भविष्य निधि सदस्यों के अंशदान से संबंधित बकाया है। साथ ही ब्याज व क्षतिपूर्ति से संबंधित राशि बकाया है उनसे बकाया वसूली की कार्रवाई की जा रही है।
कर्मचारी भविष्य निधि संगठन कार्यालय के क्षेत्रीय आयुक्त शशांक जायसवाल ने कहा कि ग्राम्य विकास विभाग से जुड़े मनरेगा कर्मियों का अंशदान 2015 से 2017 के बीच का बकाया था। नोटिस के बाद भी बकाया अंशदान जमा नहीं करने पर 7-ए की कार्रवाई करते हुए पीएफ अंशदान का निर्धारण किया गया। फिर ग्राम्य विकास विभाग के खाते से बकाया धनराशि की वसूली की गई है। जल्द ही सभी जिलों से वसूली की कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।