आयकर विभाग ने पुराने और नए टैक्स स्लैब के रूप में दो विकल्प दिए हैं। नए स्लैब में कर निर्धारण की श्रेणी अधिक है, लेकिन इसमें किसी प्रकार की छूट का प्रावधान नहीं है। आयकर अधिवक्ता दीपक कुमार ने बताया कि जिन करदाताओं ने बचत की है, उनके लिए पुराने स्लैब के अनुसार रिटर्न दाखिल करना फायदेमंद होगा।
कैसे छूट मिलती है 80 सी के तहत
निवेश आयकर अधिनियम की 80 सी के तहत निर्धारित योजनाओं में निवेश की रकम कर मुक्त होती है। इसमें एलआईसी, एनपीएस, पीपीएफ, पीएफ, जीपीएफ, एनएससी, एफडी, म्यूचुअल फंड, सुकन्या समृद्धि योजना में बचत एवं होम लोन की किस्त में जमा की गई मूलधन की राशि, शिक्षण शुल्क को कुल आय से घटा दिया जाता है। अधिकतम 1.5 लाख रुपये का निवेश कर निर्धारण में लाभकारी हो सकता है।
अधिकतम दस फीसदी करमुक्त होती है दान की रकम
धारा 80 जी के तहत पंजीकृत धर्मार्थ संस्था एवं ट्रस्ट को दिया गया दान कर मुक्त होता है। कुल आय से धारा 80 सी से 80 यू तक की रकम घटाने के बाद शेष आय की अधिकतम दस फीसदी दान की रकम करमुक्त होती है।