दोपहर 2.26 बजे गीता प्रेस रोड पर सन्नाटा पसरा रहा। इस रोड पर जाने वाले तादाद बेहद ही कम थी। गीता प्रेस के आसपास दुकानें तो खुलीं रही, लेकिन उन पर ग्राहक नहीं थे। यही हाल रेती चौक का रहा। यहां भी बाजार में लोगों की भीड़ नहीं थी। इस क्षेत्र में अन्य जगहों की अपेक्षा घंटाघर में थोड़ी चहल पहल रही। दोपहर 2.34 बजे घंटाघर बाजार गुलजार नजर आया। यहां लोग शादी विवाह के लिए जरूरी सामान खरीदने पहुंचे थे। कपड़ों के थोक कारोबारी राजेश नेभानी ने बताया कि चुनाव का असर है। सोमवार से बाजार में पूरी भीड़ नजर आएगी।
दोपहर में मीट की दुकानों पर नहीं थे खरीदार
नगर निगम चुनाव के दौरान जहां मीट-मछली की दुकानें गुलजार रहती थीं। वहीं रविवार को सन्नाटा पसरा रहा। मदरसा चौक के पास दोपहर 2.23 बजे मीट की दुकान खाली पड़ी हुई थी। यहां एक बाइक सवार मुर्गे का रेट पूछते नजर आए। दुकान पर मौजूद खालिद ने बताया कि रविवार होने से ग्राहकों के आने उम्मीद थी, लेकिन कोई नहीं आया। शाम चार बजे के बाद ग्राहक आ सकते हैं। चुनाव के दौरान बिक्री ठीक रही।
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मोहल्लों में बंटी छेना मिठाई, छोटी दुकानों से ले गए लड्डू
नगर निगम चुनाव के बाद मोहल्लों में मिठाई बांटने का दौर रविवार को भी जारी रहा। मिठाई कारोबारियों के अनुसार इस बार छोटी दुकानों से लड्डू खरीदा गया है, तो कुछ जगहों पर छेने की मिठाई बंटी है। अपने मददगारों के घर मिठाई पहुंचाने के लिए 10-10 पीस रसगुल्ले का पैकेट बनवाया गया था। हर वार्ड में 150 से 200 रुपये प्रतिकिलो की दर का लड्डू बांटा गया।
चुनाव जीतने के बाद अधिकांश लोगों ने छोटी दुकानों से खरीदारी की। गोलघर, विजय चौक और शास्त्री चौक की दुकानों से सिर्फ खास लोगों के लिए मिठाइयां खरीदी गईं। मिठाई दुकानदारों के मुताबिक आठ क्विंटल लड्डू बंटने का अनुमान है। कुछ लोगों ने अपने घर पर लड्डू बनाकर बंटवाया है। दो लाख रुपये के आसपास की मिठाई खपी है।
लड्डू खरीदने के लिए ग्राहक पहुंचते रहे। मतगणना के बाद कोई एक किलो तो कोई दो किलो के पैकेट बनवाकर ले गया। अन्य छोटी बड़ी दुकानों से भारी मात्रा में मिठाई बिकी है।
-सुजल कुमार, मिठाई विक्रेता, नौसढ़।
इस बार थोड़ा बदलाव नजर आया है। लोगों ने लड्डू के बजाय छेने की मिठाई भी मंगवाई है। 10-10 पीस रसगुल्ले का पैकेट बनवाकर एक पार्षद ले गए हैं। शनिवार को ज्यादा बिक्री हुई थी।
-शकुन अग्रवाल, मिठाई विक्रेता, शास्त्री चौराहा।
चुनाव की मतगणना कल थी। यदि लगन का सीजन नहीं होता तो बाजार पूरी तरह से खाली रहता। सुबह तो एकदम ग्राहक नहीं थे। दोपहर बाद कुछ लोग बाजार में नजर आने लगे हैं। हालांकि कारोबार ठंडा रहा।
- अभिषेक जायसवाल, कारोबारी, गोलघर।
लगन सीजन होने की वजह से घंटाघर में थोड़ी चहल पहल है। रेती बाजार, गीता प्रेस रोड सहित अन्य जगहों पर सन्नाटा पसरा रहा। सोमवार को बाजार के गुलजार होने के अनुमान हैं।-
राजेश नेभानी, थोक कपड़ा कारोबारी।