निर्भया केस में दोषी मुकेश की दया याचिका खारिज होने व कोर्ट की ओर से नया डेथ वारंट जारी करने के बाद निर्भया के गांव में खुशी की लहर दौड़ गई। गांव के लोगों ने शिव मंदिर में दीपक जला कर न्याय में आस्था जताई।
निर्भया के परिजनों का कहना है कि दोषियों को अब फांसी से कोई नहीं बचा सकता। उनकी मौत समाज के लिए एक सबक होगी।निर्भया के चाचा ने कहा कि मंदिर की चौखट पर जलती लौ ने न्याय की उम्मीद बरकरार रखी है।
निर्भया के गांव वाले पिछले कई सालों से इसका इंतजार कर रहे थे। कहा कि न्याय की यह लड़ाई लंबी रही, बहुत सारी बाधाएं भी आईं पर दया याचिका खारिज होने के बाद अब दरिंदों के लिए सारे रास्ते बंद से हो गए हैं। कोर्ट ने भी नया डेथ वारंट जारी कर दिया है।
उम्मीद है कि एक फरवरी फांसी की अंतिम तिथि निश्चित है। निर्भया की चचेरी बहन ने कहा कि डॉक्टर बनने का ख्वाब और जिंदगी को निर्भीकता से जीने वाली निर्भया आज चाहे दुनिया में न हो पर उसकी यादें गांव के हर आदमी के जेहन में हैं।
जब तक दरिंदों को फांसी पर चढ़ा नहीं जाता तब तक निर्भया को न्याय नहीं मिलेगा। दरिंदों को फांसी की सजा समाज के लिए एक सबक होगी कि बेटियां जब तक सुरक्षित नहीं होंगी तब तक न समाज सुरक्षित होगा और न ही देश।