उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले से बड़ी खबर आ रही है। गुजरात से चार दिन पूर्व व्हाट्सएप पर परिवार के लोगों को आत्महत्या की जानकारी देने वाले युवक का शव गुजरात पुलिस ने शनिवार की देर शाम बरामद कर लिया। उधर मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया।
ये है पूरा मामला
मिली जानकारी के मुताबिक कोतवाली क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव के रहने वाले राधेश्याम गौंड़ के पुत्र नीतेश (22) गुजरात के दादोह जिले के लिमडी थाना क्षेत्र में एक टोल प्लाजा पर काम करता था। पिछले वर्ष इंटर की परीक्षा में फेल होने के बाद और घर की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के चलते जनवरी में कमाने चला गया था। कोरोना का प्रकोप बढ़ने के बाद 25 मार्च को टोल प्लाजा बंद कर दिया गया।
लॉकडाउन के कारण नीतेश वहीं पर फंस गया। 16 अप्रैल को उसने बड़े भाई मुकेश के वाट्सएप पर मैसेज किया कि राशन नहीं होने से कई दिनों से वह भूखा हूं। यहां कोई मदद नहीं कर रहा है, जिसके चलते मैं आत्महत्या करने को मजबूर हूं। इसके बाद उसका मोबाइल बंद हो गया। परिवार वालों ने इसकी सूचना सलेमपुर पुलिस को दी।
मुकेश ने बताया कि जानकारी होने के बाद गुजरात में नीतेश के साथ काम करने वाले गांव के जय गोविंद कुशवाहा से बात की। जय गोविंद ने उसे काफी ढूंढा, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इस पर उसने गुजरात के लिमडी थाने में सूचना दी। 17 अप्रैल को पुलिस ने टोल प्लाजा पर पहुंच कर जांच पड़ताल की।
शनिवार की देर शाम नीतेश का शव टोल प्लाजा के पास बहने वाली मांचल नदी से गुजरात पुलिस ने बरामद किया। नीतेश दो भाइयों में सबसे छोटा था। शव घर नहीं ला पाने के कारण गांव के जय गोविंद कुशवाहा ने वहीं उसका अंतिम संस्कार कर दिया। उधर सलेमपुर पुलिस का कहना है कि इस बारे में उन्हें कोई जानकारी नहीं है।