दवा कंपनियां अपने उत्पादों के प्रचार के लिए लॉकडाउन में भी मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव (एमआर) पर बिना वजह दबाव बना रही हैं। उत्तर प्रदेश उत्तराखंड मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव एसोसिएशन के सचिव अखिलेश उपाध्याय ने आरोप लगाते हुए दबाव न बनाने की अपील की है।
कहा कि देश कोरोना वायरस महामारी से जूझ रहा है। देश में लॉकडाउन के बाद भी दवा कंपनियां एमआर का सेल्स टारगेट पूरा करने के लिए मानसिक एवं शारीरिक शोषण करते हुए श्रम कानून के नियमों को दरकिनार कर रहे हैं। बताया कि दवा निर्माता कंपनी माइक्रोलैब के मानव संसाधन विभाग की ओर से पास बनाकर एमआर को दे दिए गए, जिसका उन्हें अधिकार नहीं है।
घर बैठे ब्रांड प्रमोशन के लिए मैसेज, व्हाट्सएप, टेलीफोनिक कॉल करके वीडियो बनवाकर मंगवाया जा रहा है। संगठन के अध्यक्ष एसके डे ने दवा कंपनियों से भी अनुरोध किया है कि वे लॉकडाउन का समर्थन करें।