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शबे बराअत आज, होगी इबादत व जियारत, लाइटों से सजाया गया मस्जिदों, दरगाह और कब्रिस्तान

Sun, 28 Mar 2021 11:32 AM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

  • मस्जिदों, दरगाहों और कब्रिस्तानों की सफाई कर लाइटों से सजाया गया
  • विभिन्न दरगाहों एवं मस्जिदों में आज आयोजित होंगे कार्यक्रम
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गोरखपुर दरगाह। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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शबे बराअत पर्व रविवार को अकीदत व एहतराम के साथ मनाया जाएगा। तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। मुसलमान इस रात शहर की मस्जिदों व घरों में इबादत व कुरआन-ए-पाक की तिलावत कर अल्लाह से दुआ मांगेंगे।

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लोग कब्रिस्तानों में जाकर पूर्वजों की कब्रों पर फातिहा पढ़कर उनकी बख्शीश की दुआ करेंगे। दरगाहों पर जियारत करने वालों की भीड़ उमड़ेगी। अगले दिन रोजा रखकर इबादत करेंगे। रविवार को दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद नार्मल में रात 10 बजे से जिक्रो नात की महफिल सजेगी। रात 12 बजे सलातुल तस्बीह की नमाज अदा की जाएगी। वहीं हुसैनी जामा मस्जिद बड़गो में रात 10 से 12 बजे तक ‘इज्तिमा शबे बराअत’ होगा।

मस्जिद, दरगाह व कब्रिस्तान में साफ-सफाई पूरी
शबे बराअत के मौके पर शहर की तमाम मस्जिदों, दरगाहों, कब्रिस्तानों की साफ-सफाई, रंग-रोगन का काम पूरा हो चुका है। दरगाहों व मस्जिदों को छोटी-छोटी लाइटों से सजाया गया है। नार्मल तिराहे पर दरगाह हजरत मुबारक खां शहीद कब्रिस्तान, कच्ची बाग, बाले के मैदान के पास स्थित कब्रिस्तान, गोरखनाथ, रसूलपुर, हजारीपुर स्थित कब्रिस्तानों में लाइट लगाई गई हैं।
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उलेमा-ए-अहले सुन्नत ने जारी की है अपील

तंजीम उलेमा-ए-अहले सुन्नत ने अवाम से अपील की है कि आतिशबाजी, बाइक स्टंट और खुराफाती बातों से सख्ती के साथ बचा जाए। शबे बराअत व होलिका दहन एक साथ है। लिहाजा एहतियात बहुत जरूरी है। घरों व मस्जिदों में रहकर इबादत व कुरआन-ए-पाक की तिलावत करें। बेवजह बाहर घूमकर अपना वक्त बर्बाद न करें। नेक काम ज्यादा करें। जरूरतमंदों की मदद करें। इस रात के बाद अगले दिन का रोजा रखें।

इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी ने की बैठक
इमामबाड़ा मुतवल्लियान कमेटी के सदस्यों की बैठक शनिवार को जाफरा बाजार स्थित नया कटरा परिसर में जिला अध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद की अध्यक्षता में संपन्न हुई। जिसमें कमेटी के जिलाध्यक्ष सैय्यद इरशाद अहमद ने कहा शबे बरात इबादत का पर्व है हमारे अपने जो इस दुनिया से गुजर गए उनकी मगफिरत की दुआएं तथा पाक परवरदिगार की इबादत बुजुर्गों व अस्थाने व कब्रिस्तानों पर जाकर उनके और अपने लिए दुआएं ही इस पाक पर्व शबे बरात का हिस्सा है। बैठक में शकील शाही, फैजान करीम, मोहम्मद अदिल अख्तर खां, महफूज आलम, अकील अहमद अंसारी, आफताब अहमद, कैश अख्तर, मुमताज अंसारी, मौजूद रहे।
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