साहब, मेरा प्रमाण पत्र देखकर बताइएगा कि असली है या नकली। यह सवाल जगन्नाथपुर के राहुल का था, फर्जी प्रमाण पत्र के मामले सामने आने के बाद वह अपने बेटे दिवित का जन्म प्रमाण पत्र लेकर नगर निगम में पहुंचे थे। ऐसे ही बक्शीपुर के गौरव श्रीवास्तव, प्रिंस त्रिपाठी समेत कई अन्य भी अपने प्रमाण पत्रों की जांच के लिए नगर निगम आए थे। प्रमाण पत्र केंद्र पर बैठे कर्मचारी ने प्रमाण पत्रों की जांच की और सही होने की जानकारी मिलने पर सभी को तसल्ली हुई।
दरअसल, नकली प्रमाण पत्र के कई मामले सामने आने के बाद अब लोगों के मन में संशय है। नगर निगम में प्रमाण पत्र केंद्र के प्रभारी दीपक ने बताया कि आवेदन और प्रपत्रों के सत्यापन के बाद जन्म और मृत्यु प्रमाण पत्र बनाए जाते हैं। प्रमाण पत्र बना चुके लोगों को कुछ बातें ध्यान में रखनी चाहिए। जैसे, नगर निगम से जारी जन्म प्रमाण पत्र जोन के हिसाब से बनाया जाता है। इसपर जोन के नाम से प्रमाणित मोहर लगती है। डिजिटल हस्ताक्षर रहता है।
नकली जन्म प्रमाण पत्र में जन्म स्थान की जगह गोरखपुर लिखा होता है। जबकि असली प्रमाण पत्र में जोन के जिस वार्ड में रहने वाले होंगे, वहां का पता होगा। आधार सेवा केंद्र के मैनेजर आदित्य शुक्ला ने बताया कि आधार सेवा केंद्र पर कई लोग फर्जी प्रमाण पत्रों के साथ आवेदन करने आ रहे हैं।