गोरखपुर। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के बैचलर ऑफ फार्मेसी (बीफार्म) के छात्र अब आधुनिक तकनीकी कौशल भी सीख सकेंगे। फार्मेसी के साथ ही तकनीकी कौशल भी उनके पाठ्यक्रम का हिस्सा होगा। यह संभव होगा फार्मेसी काउंसिल ऑफ इंडिया (पीसीआई) के नए पाठ्यक्रम से। यह सत्र 2026-27 से ही लागू होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी-2020) के उद्देश्यों के अनुरूप पीसीआई ने बीफार्म के लिए नया पाठ्यक्रम तैयार किया है। नए पाठ्यक्रम में पारंपरिक फार्मेसी शिक्षा के साथ-साथ एआई, मशीन लर्निंग, डेटा एनालिटिक्स, डिजिटल हेल्थ, उद्यमिता व रोगी-केंद्रित देखभाल जैसे आधुनिक विषयों को प्रमुखता दी गई है।
फार्मेसी संस्थान के निदेशक डॉ. अमित निगम ने बताया कि यह पाठ्यक्रम पारंपरिक फार्मेसी शिक्षा और आधुनिक तकनीकी कौशल का प्रभावी समन्वय प्रस्तुत करता है। तकनीकी विषयों का समावेश विद्यार्थियों की व्यावसायिक दक्षता और रोजगार क्षमता को नई दिशा प्रदान करेगा। इससे छात्रों में वैज्ञानिक दृष्टिकोण, तकनीकी दक्षता व नवाचार की क्षमता विकसित होगी।
हर सेमेस्टर में अलग-अलग तकनीकी शिक्षा पर जोर
इसमें विद्यार्थियों को प्रारंभिक स्तर से ही डिजिटल एवं तकनीकी शिक्षा से जोड़ा जाएगा। प्रथम सेमेस्टर में फार्मास्युटिकल साइंसेज के लिए पायथन प्रोग्रामिंग, द्वितीय सेमेस्टर में एप्लाइड बायोस्टैटिस्टिक्स व तृतीय सेमेस्टर में मशीन लर्निंग का अध्ययन कराया जाएगा। आठवें सेमेस्टर में एआई के क्लिनिकल अनुप्रयोगों एवं उससे जुड़े नैतिक पहलुओं की बारीकियां पढ़ाई जाएंगी।
सीबीसीएस के तहत लागू होगा नया पाठ्यक्रम
नए पाठ्यक्रम को च्वाइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम (सीबीसीएस) के तहत लागू किया गया है, जिससे विद्यार्थियों को अपनी रुचि एवं कॅरिअर की जरूरतों के अनुरूप स्किल और वैल्यू एडेड कोर्स चुनने की स्वतंत्रता मिलेगी। इसके अलावा मूल्यांकन प्रणाली में भी बदलाव किए गए हैं। इसमें असाइनमेंट, क्विज, फील्ड वर्क और नियमित शैक्षणिक गतिविधियों को भी मूल्यांकन का हिस्सा बनाया गया है। छात्रों के लिए 240 घंटे की इंटर्नशिप व सातवें एवं आठवें सेमेस्टर में रिसर्च प्रोजेक्ट भी अनिवार्य किए गए हैं, जिससे उन्हें व्यावहारिक अनुभव एवं शोध कौशल प्राप्त हो सके। यह विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की चुनौतियों और संभावनाओं के लिए तैयार करेगा।
बोलीं कुलपति एनईपी-2020 का उद्देश्य विद्यार्थियों को बहुआयामी, नवाचारोन्मुख एवं रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करना है। पीसीआई का नया पाठ्यक्रम छात्रों को वैश्विक स्तर की प्रतिस्पर्धा के लिए तैयार करेगा और उन्हें स्वास्थ्य क्षेत्र में नई संभावनाओं से जोड़ने का कार्य करेगा।
- प्रो. पूनम टंडन, कुलपति