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Gorakhpur News: मरीज माफिया के चंगुल में फंसे...खाली हो गई जेब, मर्ज नहीं हुआ कम

Sat, 22 Mar 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, गोरखपुर
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महराजगंज। जिले में मरीज माफिया की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। इनके चंगुल में फंसने वालों की जेब खाली होती गई। वहीं मर्ज भी बढ़ता गया। दलाल कमीशन के चक्कर में निजी अस्पतालों में भर्ती कराने के बाद किनारा कस लिए। मामले में शिकायत नहीं होने से मरीज माफिया का हौसला बढ़ता जा रहा है।
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जानकारी के अनुसार, पनियरा क्षेत्र के बैदा गांव निवासी आरती देवी के साथ ऐसा ही हुआ। नौ माह पहले बाइक से गिरने के कारण उनके दाहिने पैर में फैक्चर हो गया। परिजन उन्हें पनियरा के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां डॉक्टरों ने जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल के कुछ दलालों ने उनके परिवार को गोरखपुर के एक निजी नर्सिंग होम में भर्ती कराने की सलाह दी। इलाज के नाम पर करीब 1.20 लाख रुपये खर्च हो गए, जो कर्ज लेकर चुकाने पड़े। अब उधार चुकाने में परिवार को परेशानी हो रही है।
इसी तरह एक अन्य पीड़ित, कुंआचाप गांव निवासी रामसेवक मौर्य, नस दबने की समस्या से जूझ रहे हैं। उन्होंने बताया कि वह पीएचसी पनियरा गए। जहां डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल जाने की सलाह दी। जिला अस्पताल पहुंचने पर कुछ लोगों ने परिजनों को गोरखपुर या लखनऊ के निजी अस्पताल में इलाज कराने की सलाह दी। मजबूरी में उन्होंने निजी अस्पताल का रुख किया और अब तक करीब एक लाख रुपये खर्च कर चुके हैं। इलाज अभी भी जारी है, और पूरा परिवार कर्ज में डूब चुका है।
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सूत्रों की माने तो इस तरह के मामले सिर्फ पनियरा ही नहीं, बल्कि पूरे जिले में देखने को मिल रहे हैं। निजी अस्पतालों से जुड़े दलाल जिला अस्पतालों में सक्रिय रहते हैं। जरूरतमंद मरीजों को बहला-फुसलाकर महंगे अस्पतालों में भेज देते हैं। इसमें कई स्वास्थ्य अधिकारियों की मिलीभगत भी सामने आ रही है। इसके बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हो रही है। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार सब कुछ जानते हुए भी अनजान बने हैं।
मरीजों के लिए जिला अस्पताल में पर्याप्त सुविधाएं होने के बाद भी उन्हें जबरन निजी अस्पतालों में रेफर किया जा रहा है। आर्थिक रूप से कमजोर मरीज और उनके परिजन इलाज के लिए कर्ज लेने को मजबूर हो रहे हैं। इलाज के बाद भी उनकी परेशानियां खत्म नहीं होती हैं, बल्कि कर्ज चुकाने के लिए उन्हें वर्षों तक संघर्ष करना पड़ता है।
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