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अमर उजाला पड़ताल: गर्मी में ठंडे पानी के लिए यात्रियों को छूटेंगे पसीने, 173 टोटियां हैं पर आता है गर्म पानी

Fri, 03 Mar 2023 04:10 PM IST
vivek shukla राजन राय, गोरखपुर।

सार

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सतत प्रयास किया जाता है। रेलवे प्लेटफॉर्मों पर शुद्ध पेयजल के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए 15 मार्च से शीतल पेयजल की भी उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।
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रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म पर लगे टोटी से पीने का पानी भरते यात्री। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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होली के पहले ही गर्मी ने दस्तक दे दी है। अब दोपहर में ठंडे पानी की जरूरत महसूस होने लगी है। मौसम विभाग ने भी इस साल भीषण गर्मी की भविष्यवाणी की है, लेकिन रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की प्यास बुझाने के लिए इंतजामात नाकाफी हैं।

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ट्रेनों के रुकने का समय भी अब कम हो गया है। पांच से 10 मिनट ही स्टॉपेज है। जबकि सिर्फ 15 वाटर कूलर ही लगे हैं। 12 वाटर वेंडिंग मशीनें लगी हैं जो कबाड़ हो गई हैं, अब हटेंगी। टोटियों से गर्म पानी आने लगेगा। ऐसे में यात्रियों की प्यास कैसे बुझेगी, यह बड़ा सवाल है।

रेलवे स्टेशन परिसर में रोजाना 20 से 25 हजार लीटर पानी की खपत है, लेकिन जब गर्मी ज्यादा पड़ती है तो यह खपत 30 हजार लीटर हो जाती है। इसमें 16,200 लीटर पानी की आपूर्ति बंद बोतलों से होती है, लेकिन यह पानी गर्मी बढ़ने पर ठंडा नहीं हो पाता है।
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एक ट्रेन के आते ही खानपान के स्टॉलों में लगे फ्रीज से ठंडी बोतलें खत्म हो जाती हैं। इसके बाद जो ट्रेनें आती हैं उसके यात्रियों को गर्मी पानी ही मिलता है। जो 15 वाटर कूलर लगे हैं उनकी क्षमता 3100 लीटर है। लेकिन, प्रत्येक प्लेटफॉर्म पर दो से तीन ही लगे हैं। मुश्किल यह है पांच से 10 मिनट में एक वाटर कूलर से अधिकतम 40 से 50 यात्री ही पानी भर पाते हैं।

वहीं 12 वाटर वेंडिंग मशीनें लगी थीं जो गरीब तपके के यात्रियों के लिए उपयोगी थी। इन मशीनों से तीन रुपये लीटर ठंडा पानी मिल जाता था। अब ये मशीनें भी हट जाएंगी।

 

173 टोटियां हैं पर आता है गर्म पानी

रेलवे स्टेशन पर कुल 173 टोटियां लगी हैं। इनमें पानी ओवरहेड टैंक से आता है। टैंक में तो पानी ठंडा रहता है लेकिन लोहे की पाइप से पानी को प्लेटफॉर्म तक पहुंचाया जाता है। गर्मी में पाइप गर्म हो जाता है, लिहाला पानी की टोटियों से भी गर्म पानी ही आता है।

गर्मी बढ़ता देख नियम में बदलाव, 15 मार्च से वाटर कूलर चलेंगे
होली के समय ही बढ़ रही गर्मी को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने अपने पुराने नियम में बदलाव कर दिया है। महाप्रबंधक ने अब 15 अप्रैल की जगह 15 मार्च से ही सभी वाटर कूलर को चालू कराने का निर्देश दिया है। इसके अलावा पांच नए वाटर कूलर भी लगाए जाएंगे, जो प्लेटफॉर्म तीन से छह के बीच में लगेंगे। इन प्लेटफॉर्म पर दोपहर में ज्यादा ट्रेनों आती-जाती हैं जिसके चलते पानी की मांग भी यहां ज्यादा होती है।


कहां, कितनी क्षमता के वाटर कूलर लगे हैं

प्लेटफॉर्म संख्या क्षमता (लीटर में)
01 01 380
02  04 1310
03-04 03 420
05-06 03 390
07-08 02 300
09 02 300

पूर्वोत्तर रेलवे मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने कहा कि यात्रियों को बेहतर सुविधा प्रदान करने के लिए रेलवे प्रतिबद्ध है और इस दिशा में सतत प्रयास किया जाता है। रेलवे प्लेटफॉर्मों पर शुद्ध पेयजल के लिए पर्याप्त व्यवस्था की गई है। बढ़ती गर्मी को ध्यान में रखते हुए 15 मार्च से शीतल पेयजल की भी उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए दिशा निर्देश दिए गए हैं।


 
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रेलवे स्टेशन के उत्तरी द्वार पर फ्लाई ओवर ब्रिज बनेगा

रेलवे स्टेशन के उत्तरी द्वार पर भी आने-जाने के लिए अलग रास्ता होगा। इसके लिए एक फ्लाई ओवर ब्रिज बनेगा, जिससे यात्री सीधे प्लेटफॉर्म नंबर नौ, आठ और सात पर पहुंच जाएंगे। यात्रियों के निकलने के लिए उत्तरी गेट के सड़क मार्ग से रास्ता बनेगा। वहीं, मुख्य द्वार से प्रवेश और निकास करने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग तीन-तीन लेन तैयार किए जाएंगे।

पूर्वोत्तर रेलवे के महाप्रबंधक चंद्रवीर रमण ने बृहस्पतिवार को रेलवे स्टेशन परिसर का निरीक्षण किया। स्टेशन के पुनर्विकास योजना की डिजाइन तैयार कर रही एजेंसी से जानकारी ली। इसके बाद डिजाइन में संशोधन का निर्देश दिया। कहा कि गेट नंबर पांच और छह के बीच प्री पेड टैक्सी स्टैंड बनेगा। साइकिल स्टैंड के लिए एक अलग से द्वार होगा।

परिसर में ही मेट्रो ट्रेन के लिए स्टेशन बनाने का भी प्रस्ताव है, ताकि मेट्रो के यात्री भी सीधे रेलवे स्टेशन पहुंच सकें। रेलवे बस स्टेशन तक जाने के लिए स्काईवॉक बनेगा। बड़े आकार का लिफ्ट भी लगेगा। इसके लिए प्रदेश सरकार से भी बैठकर कर योजना तैयार की जाएगी।

महाप्रंबधक के साथ मौजूद अधिकारी नए डिजाइन को लेकर प्लेटफार्म नंबर दो स्थित एसी लाउंज, फर्स्ट क्लास गेट, प्लेटफार्म नंबर नौ और उत्तरी प्रवेश द्वार पर भी गए।
दरअसल, रेल मंत्रालय के पुनर्विकास योजना के तहत गोरखपुर जंक्शन को एयरपोर्ट की तर्ज पर बनाया जाना है। इसे सेंटर ऑफ सिटी के रूप में विकसित किया जा रहा है। इस महीने डिजाइन तैयार हो जाएगी, जिसे रेलवे बोर्ड भेजा जाएगा। बोर्ड की हरी झंडी मिलते ही आगे की कार्यवाही शुरू होगी।

निरीक्षण के दौरान अपर महाप्रबंधक अनिल कुमार मिश्रा, मुख्य पुल इंजीनियर कैलाश सिंह, सचिव, महाप्रबंधक डीके खरे, मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह, उप महाप्रबंधक, सामान्य केसी सिंह आदि मौजूद रहे।

शाॅपिंग कांप्लेक्स, रेस्टोरेंट की भी सुविधा होगी
स्टेशन पर शाॅपिंग कांप्लेक्स, होटल, पार्किंग आदि जैसी उच्चस्तरीय एवं आधुनिक सुविधाओं का प्राविधान होगा। रूफ प्लाजा एवं बेहतर एप्रोच कनेक्टिविटी तैयार की जाएगी। रूफ प्लाजा से प्लेटफार्म में होने वाली अनावश्यक भीड़ से राहत मिलेगी। जरूरत की वस्तुएं स्टेशन पर ही मिल जाएंगी।

 
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