कोरोना वायरस के कहर से जहां नेपाल पर्यटन से जुड़े लोगों को निराश किया है, वही एक चिंता यह भी है क्या इस वर्ष भारतीय नागरिक नेपाल के रास्ते मानसरोवर की यात्रा भी करेंगे। भारत सहित सभी देश चीन से अपने नागरिकों को निकाल रहे हैं। वही वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन ने तीन महीने के लिए विश्व के सभी नागरिकों को सतर्क रहने का निर्देश भी दिया है।
मानसरोवर की यात्रा मई के महीने से शुरू होकर सितम्बर तक चलती है और उस की बुकिंग जनवरी और फरवरी में शुरू ही शुरू हो जाती है। इस बार जनवरी महीने में कोई भी बुकिंग नहीं किया गया। नेपाल के रास्ते मानसरोवर की बुकिंग न के बराबर हुई है। यह यात्रा सबसे ज्यादा भारतीय ही करते हैं।
होटल एसोसिएशन के अध्यक्ष चंद्र प्रकाश श्रेष्ठ ने बताया कि इस बार शायद मानसरोवर के लिए रूट ना खोले, इस बात की चर्चा जोरों से नेपाल पर्यटन से जुड़े लोगों के पास है। पिछले वर्ष जहां 8 से 10 हजार लोग मानसरोवर की यात्रा किए थे। वही इस वर्ष बुकिंग अभी तक ना के बराबर है। नेपाल से तिब्बत होते हुए दो रूट मानसरोवर के लिए है। इस बार कोरोना के कारण इस यात्रा में निराशा देखने को मिल रही है।