पडरौना चौकी पर नहीं था कोई इंचार्ज, घटना के बाद आनन-फानन में पनियहवा चौकी इंचार्ज को दिया गया चार्ज
30 मई को ट्रेन में मिला था युवती के शव के टुकड़ों से भरा बक्सा, 19 अक्तूबर को प्लेटफॉर्म पर चली गोली
कैमरे लगे, पर निगरानी ठप, चोरी की घटनाओं से भी नहीं लिया सबक, आरपीएफ-जीआरपी चौकी की दरकार
कप्तानगंज-थावे रूट पर नौ, कप्तानगंज नरकटियागंज रूट के 12 स्टेशनों पर सीसी टीवी कैमरे बने शोपीस
तमकुहीरोड। कप्तानगंज-थावे रूट के तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर सुरक्षा व्यवस्था बेहद लचर है। 19 अक्तूबर की रात प्लेटफार्म पर युवक को गोली मारने की घटना से सुरक्षा व्यवस्था की पोल खुल गई है। सूत्रों ने बताया कि इस रूट के कप्तानगंज, लक्ष्मीगंज, रामकोला, पडरौना, कटकुइया, दुदही, तमकुहीरोड, तरयासुजान, तिनफेड़िया रेलवे स्टेशनों पर 24 घंटे जीआरपी सिपाहियों की ड्यूटी लगती है लेकिन कोई नहीं रहता। 19 अक्तूबर को भी कोई सिपाही तैनात नहीं था। किसी भी रेलवे स्टेशन पर सीसी टीवी कैमरे तक चालू नहीं हैं।
यूपी-बिहार सीमा के महत्वपूर्ण तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों की आवाजाही तो बढ़ रही है लेकिन यात्रियों की सुरक्षा के इंतजाम अब भी सवालों के घेरे में हैं। यहां चोरी और शराब तस्करी के मामले सामने आने के बाद भी सुरक्षा व्यवस्था में आवश्यक सुधार नहीं किया गया।
भविष्य में जंक्शन के रूप में विकसित होने की संभावना वाले इस स्टेशन पर सुरक्षा का बुनियादी ढांचा ही कमजोर नजर आ रहा है। न आरपीएफ की चौकी है और न जीआरपी की। ऐसे में किसी आपात स्थिति में त्वरित पुलिस सहायता और संदिग्धों की निगरानी को लेकर चिंता स्वाभाविक है। पडरौना जीआरपी चौकी पर कोई चौकी इंचार्ज नहीं था। रात को तमकुहीरोड स्टेशन पर गोली चलने के बाद आनन-फानन में पनियहवा चौकी इंचार्ज दिग्विजय सिंह को मंगलवार की देर शाम को चार्ज दिया गया। बुधवार की शाम जीआरपी गोरखपुर के थानाध्यक्ष पडरौना चौकी पर पहुंचे।
30 मई को बक्से में मिले थे शव के टुकड़े
30 मई को जयपुर गांव के एक व्यक्ति पर अपनी पुत्री की हत्या कर शव के टुकड़े बक्से में भरकर गोमतीनगर एक्सप्रेस में रखने का आरोप लगा था। इस घटना ने रेल प्रशासन को हिलाकर रख दिया था। मामले की जांच में रेलवे पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बाद स्टेशन पर सीसी कैमरे लगाए गए लेकिन उनका हैंडओवर नहीं होने और चालू स्थिति में न होने की बात सामने आ रही है। यानी जिस निगरानी व्यवस्था से संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जानी थी, वही अब तक प्रभावी नहीं हो सकी है। स्थानीय नागरिक जेके सिंह, अंजनी तिवारी और अशोक पटेल का कहना है कि तमकुहीरोड स्टेशन सुरक्षा की दृष्टि से संवेदनशील है। चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए यहां आरपीएफ या जीआरपी की पुलिस चौकी स्थापित की जानी चाहिए। उनका कहना है कि सीसी कैमरों को तत्काल चालू कराकर निगरानी व्यवस्था मजबूत की जाए, ताकि संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके और जरूरत पड़ने पर समय से कार्रवाई हो सके।
पहले टाल-मटोल करती रही जीआरपी पुलिस
तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर गोली चलने के बाद मंगलवार की शाम जीआरपी पुलिस कार्रवाई करने में टाल मटोल करती रही। सूत्रों ने बताया कि रेलवे स्टेशन के बाहर गोली चलने के लिए पीड़ित राजन शर्मा से कहा गया और सेवरही थाने में प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए योजना बनाई गई। सेवरही पुलिस को इसकी जानकारी हुई तो जीआरपी के उच्चाधिकारियों तक पूरा मामला पहुंचा। इसके बाद जीआरपी एसओ आनन-फानन में प्राथमिकी राजन के पिता की तहरीर पर दर्ज किए।
वर्जन
तमकुहीरोड रेलवे स्टेशन पर गोली मारने के मामले में 10 लोगों पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। एक आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। घटना के पर्दाफाश के लिए टीम लगाई गई है। फोर्स की कमी होने के कारण सभी स्टेशनों पर सिपाहियों की तैनाती करना मुश्किल है। जहां जरूरी समझा जाता है वहां ड्यूटी लगाई जाती है। पनियहवा चौकी इंचार्ज को पडरौना जीआरपी चौकी का चार्ज दिया गया है। जल्द आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
-लक्ष्मी निवास मिश्रा, जीआरपी एसपी गोरखपुर