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Gorakhpur News: जेल में उम्रकैद काट रहे परवेज परवाज की मौत, योगी पर दर्ज कराई थी प्राथमिकी

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गोरखपुर। मंडलीय कारागार में आजीवन कारावास की सजा काट रहे 72 वर्षीय परवेज परवाज की शनिवार देर रात मौत हो गई। लंबे समय से बीमार चल रहे परवेज की रात में अचानक तबीयत बिगड़ गई थी। जेल प्रशासन उसे जिला अस्पताल ले गया, जहां उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। वह करीब आठ साल से जेल में बंद था। मधुमेह और उच्च रक्तचाप समेत कई बीमारियों से पीड़ित परवेज की कुछ दिन पहले आंखों की सर्जरी भी कराई गई थी।
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राजघाट थाना क्षेत्र के तुर्कमानपुर निवासी परवेज परवाज वर्ष 2007 में गोरखपुर में हुए दंगों को लेकर तत्कालीन सांसद और वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के बाद सुर्खियों में आया था। उसने अदालत के माध्यम से धार्मिक उन्माद फैलाने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराया था। इस मामले में साक्ष्य के तौर पर पेश की गई सीडी की जांच में छेड़छाड़ सामने आई थी। इसके बाद सीडी से जुड़े मामले में परवेज के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज की गई थी। दंगों के दौरान उस पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत भी कार्रवाई हुई थी।

दुष्कर्म के मामले में मिली थी उम्रकैद

परवेज परवाज को जून 2018 में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में आजीवन सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई थी। एक महिला ने उसके और महमूद उर्फ जुम्मन बाबा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। महिला का आरोप था कि झाड़-फूंक के बहाने बुलाकर दोनों ने रिवाल्वर के बल पर उसके साथ दुष्कर्म किया। मामले की सुनवाई के बाद जिला एवं सत्र न्यायाधीश की अदालत ने दोनों को दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई थी। दोनों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। जुर्माने की राशि में से 40 हजार रुपये पीड़िता को पुनर्वास के लिए देने का आदेश दिया गया था। परवेज के साथी जुम्मन बाबा की भी सजा काटने के दौरान पहले ही मौत हो चुकी है। जेल अधीक्षक दिलीप पांडेय ने बताया कि परवेज काफी दिनों से बीमार था। शनिवार की रात उसकी तबीयत खराब हुई तो जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी मौत हो गई।
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