फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Gorakhpur News: परमानंद की आलोचना में साहित्य के साथ गहरी सामाजिकता भी थी

विज्ञापन
विज्ञापन
गोरखपुर। राजकीय बौद्ध संग्रहालय में शनिवार से शुरू हुई प्रख्यात आलोचक प्रो. परमानंद श्रीवास्तव पर केंद्रित राष्ट्रीय संगोष्ठी ‘परमानंद श्रीवास्तव : अवदान और महत्व’ के अंतिम दिन पांच सत्र आयोजित हुए। पहले तकनीकी सत्र में छह शोधार्थियों कंचन पटेल, आकाश यादव, अखिलेश पांडेय, शिवांगी गुप्ता, नीलकमल और मृत्युंजय कुमार ने शोधपत्रों का वाचन किया।
विज्ञापन

सत्र की अध्यक्षता कर रहे नालंदा से आए प्रो. रवींद्रनाथ श्रीवास्तव परिचय दास ने कहा कि परमानंद श्रीवास्तव की आलोचना गहन लालित्य से परिपूर्ण रचना है। उनकी आलोचना केवल साहित्यिक नहीं थी, बल्कि उसमें गहरी सामाजिकता अनुस्यूत थी। विषय विशेषज्ञ के रूप में राकेश रंजन और किरन तिवारी की उपस्थिति रही।
विज्ञापन

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें