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UP: सूर्य उपासना के उल्लास के बीच मां के लिए तरसकर बुझ गया 'सूरज', अंतिम बार परिजन नहीं देख सके चेहरा भी

Tue, 28 Oct 2025 10:26 AM IST
रोहित सिंह अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर

सार

करीब एक माह पहले गिरधारी पटेल छोटे सूरज को लेकर बिछिया जेल में बंद उसकी मां वंदना से मिलने गए थे। तभी से सूरज दिन-रात अपनी मां को याद करते हुए मां- मां पुकारता रहता था। कभी-कभी वह मां को खोजने घर से भी निकल पड़ता था। इसी तड़प के बीच सोमवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
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मृतक मासूम सूरज( फाइल फोटो) और मौत के बाद हंगामा करते परिजन व लोग - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
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जेल में बंद मां के लिए तड़प रहे दो साल के मासूम सूरज की सोमवार को मौत हो गई। वह गुलरिहा थाना क्षेत्र के डुमरी नंबर दो, रढवा टोला स्थित ननिहाल में रह रहा था। पीपीगंज क्षेत्र के पांचगांव निवासी बच्चे के मां-बाप जेल में बंद हैं। करीब एक महीने पहले सूरज जेल में मां से मिलकर आया था उसके बाद उसकी हालत बिगड़ती गई और सोमवार को मौत हो गई।
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मां को अंतिम बार बेटे का चेहरा दिखाने के लिए शव लेकर ननिहाल के लोग जेल पहुंचे लेकिन कानूनी पेच के कारण यह संभव नहीं हो सका। इसके बाद नाराज परिजनों ने डुमरी नंबर दो, खपड़हवा चौकी के पास भटहट-बांसस्थान मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दी और हंगामा किया।

जेल में बंद मां को याद करते-करते मर गया दो वर्षीय सूरज
जेल में बंद माता-पिता से मिलने के लिए तड़प रहे दो वर्षीय सूरज पटेल की मौत ने पूरे इलाके को झकझोर दिया। एक माह पहले मां से मिलने के बाद से ही बच्चा बार-बार मां-मां पुकारता रहता था। सोमवार दोपहर उसकी तबीयत अचानक बिगड़ी और जिला अस्पताल में उसने दम तोड़ दिया।

रोते-बिलखते परिजन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
परिजन सूरज का शव लेकर जेल पहुंचे ताकि माता वंदना और पिता एक नजर बच्चे को देख सकें लेकिन जेल प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति नहीं दी। इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने डुमरी नंबर दो, खपड़हवा चौकी के पास भटहट-बांसस्थान मार्ग पर शव रखकर जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची गुलरिहा पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।

पीपीगंज थाना क्षेत्र के पांचगांव निवासी राहुल पटेल (30) का एक वर्ष पहले अपने चाचा गौरीशंकर पटेल से जमीन विवाद को लेकर झगड़ा हुआ था। मारपीट के मामले में दोनों पक्षों को चोटें आई थीं। गंभीर धाराओं में केस दर्ज होने के बाद राहुल को उसी दिन गोरखपुर जिला जेल भेज दिया गया था।

करीब छह महीने बाद उसकी पत्नी वंदना पटेल को भी इसी मामले में जेल भेजा गया। राहुल-वंदना की एक बेटी शैलजा (3) भी है। दोनों गुलरिहा थाना क्षेत्र के डुमरी नंबर दो, रढवा टोला में अपने नाना गिरधारी पटेल के पास रह रहे थे। गिरधारी पटेल मजदूरी बच्चों का पालन-पोषण कर रहे थे।

करीब एक माह पहले गिरधारी पटेल छोटे सूरज को लेकर बिछिया जेल में बंद उसकी मां वंदना से मिलने गए थे। तभी से सूरज दिन-रात अपनी मां को याद करते हुए मां- मां पुकारता रहता था। कभी-कभी वह मां को खोजने घर से भी निकल पड़ता था। इसी तड़प के बीच सोमवार को उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।

जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। परिजन सूरज का शव लेकर जेल पहुंचे लेकिन जेल प्रशासन ने मुलाकात की अनुमति नहीं दी।

इससे आक्रोशित ग्रामीणों ने डुमरी नंबर दो, खपड़हवा चौकी के पास भटहट-बांसस्थान मार्ग पर शव रखकर जाम कर दिया। सूचना पर पहुंची गुलरिहा पुलिस ने समझा-बुझाकर जाम खुलवाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया।
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प्रशासन से गुहार लगाने के बाद भी मासूम को किया गया मां से अलग
नाना गिरधारी पटेल का कहना है कि उन्होंने प्रशासन से बार-बार गुहार लगाई थी कि छोटे सूरज को उसकी मां के पास रहने दिया जाए, पर किसी ने ध्यान नहीं दिया। अगर उसे मां के पास भेज दिया गया होता तो शायद आज सूरज जिंदा होता।

बच्चे की मौत के बाद परिजन जेल में बंद माता-पिता से मुलाकात करना चाहते थे, लेकिन नियम न होने के कारण वापस कर दिए गए। इससे ग्रामीणों ने चौकी के पास जाम कर दिया था। समझा-बुझाकर उन्हें शांत कर दिया गया है। जेल प्रशासन को अवगत करा दिया गया है, नियम के तहत जैसा होगा वैसा किया जाएगा: रवि सिंह, सीओ गोरखनाथ
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