बच्चों के नियमित टीकाकरण में अभिभावक पीछे रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग के सर्वे में यह बात सामने आई है कि 398 बच्चों के अभिभावकों ने बुखार और अन्य बीमारी होने का हवाला देते हुए टीका नहीं लगवाया है। इन बच्चों को अब मिशन इंद्रधनुष के तहत सात मार्च से टीका लगाया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, जिले में कोरोना महामारी के बीच नियमिट टीकाकरण से छूटे बच्चों का सर्वे कराया था। सर्वे में नौ हजार से अधिक बच्चे और तीन हजार से अधिक गर्भवती टीकाकरण से वंचित मिलीं। इनमें 398 बच्चे ऐसे मिले, जिनके अभिभावकों की वजह से उन्हें टीका नहीं लग सका।
इस बीच जब स्वास्थ्य विभाग ने यह जानकारी ली तो अभिभावकों ने बताया कि टीका लगवाने से बच्चों को बुखार हो जाता है, ऐसे में बच्चे को ज्यादा दिक्कत होगी। इसलिए टीका नहीं लगवाया। इसके अलावा कुछ ने बताया कि टीका लगने से हाथों में धब्बे पड़ जाएंगे।
इन इलाकों में इतने बच्चों को नहीं लगा नियमित टीका
पाली- 55
गगहा- 31
ब्रह्मपुर- 21
सरदार नगर- 11
जंगल कौड़िया- 18
कैंपियरगंज- 06
बांसगांव- 56
खजनी- 32
सहजनवां- 29
खोराबार- 36
दीवान बाजार- 14
तुर्कमानपुर- 24
गोरखनाथ- 48
हुमायूंपुर- 05
जटेपुर- 12
सीएमओ डॉ. आशुतोष कुमार दुबे ने कहा कि सर्वे में यह बात सामने आई है कि 398 बच्चों के अभिभावकों ने उन्हें टीका नहीं लगवाया है। इन बच्चों को मिशन इंद्रधनुष के तहत सात मार्च से टीका लगाया जाएगा। इसकी तैयारी पूरी कर ली गई है। इसके अलावा नौ हजार अन्य बच्चे और तीन हजार गर्भवती हैं, जिन्हें भी टीका लगाया जाएगा।