स्पीड पोस्ट के जरिये प्रयागराज से गोरखपुर के लिए भेजा गया सामान न सिर्फ देरी से डिलीवर किया गया, बल्कि उसमें रखा सामान भी गायब था। इस संबंध में पीड़ित व्यक्ति ने शिकायत का मन बनाया है।
हुमायूंपुर उत्तरी निवासी डॉ. शिवानंद को प्रयागराज से एक स्पीड पोस्ट 15 मई को भेजा गया। गोरखनाथ पोस्ट ऑफिस में यह स्पीड पोस्ट 17 मई को ही पहुंच गया। लेकिन क्षेत्र के डाकिए ने इस स्पीड पोस्ट की डिलीवरी 20 मई को की। डॉ. शिवानंद ने आरोप लगाया है कि स्पीड पोस्ट से भेजा गया ऑक्सीमीटर भी पैकेट से गायब था।
पार्सल को पूरी तरह से तहस-नहस कर दिया गया था। जब डाकिए से इस संबंध में पूछा गया तो वह सामान के सुरक्षित ढंग से डिलीवर किए जाने की बात कहने लगा। उन्होंने कहा कि प्रश्न उठता है कि जब स्पीड पोस्ट 17 मई को ही पहुंच गया तो चार दिनों तक उसे क्यों नहीं संबंधित व्यक्ति को दिया गया। ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। पहले भी रक्षाबंधन के समय ऐसा किया गया था। अधिकारियों को मामले की जांच कर कार्रवाई की जानी चाहिए।
प्रवर डाक अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि तीन अलग-अलग श्रेणियों में पार्सल की बुकिंग की जाती है। किसी भी व्यक्ति को लगता है कि उनके पार्सल के साथ कुछ गड़बड़ी हुई है तो उन्हें शिकायत करनी चाहिए। मामले की जांच कराई जाएगी। डाक विभाग खुद अपने ग्राहकों से पार्सल की बुकिंग को कपड़े से करने और उसे सिलने की राय देता है।