गोरखपुर में त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव के मद्देनजर जिला पंचायत वार्ड, क्षेत्र पंचायत वार्ड, ग्राम पंचायत वार्ड एवं ग्राम पंचायत प्रधान पदों के लिए आरक्षण आवंटन जारी होने के बाद दो दिन में कुल 83 आपत्तियां आ चुकी हैं। दूसरे दिन शुक्रवार को सर्वाधिक 68 आपत्तियां आईं। पहले दिन 15 लोगों ने आपत्ति दर्ज कराई थी। ज्यादातर आपत्तियां प्रधान पद को लेकर हैं। इनमें इस बात पर ज्यादा एतराज जताया जा रहा है कि कई गांवों के प्रधान पद लगातार तीसरी बार भी आरक्षित कर दिए गए हैं। आठ मार्च तक आपत्तियां दर्ज कराई जा सकती हैं। नौ मार्च को आपत्तियों का संकलन होगा और 10, 11 व 12 को इनका निस्तारण किया जाएगा।
जिला पंचायत राज अधिकारी के कार्यालय में दो दिनों के भीतर 24 आपत्तियां आई हैं। वहां सबसे ज्यादा जिला पंचायत वार्ड के आरक्षण से जुड़ी आपत्तियां दर्ज कराई गई हैं। वहीं प्रधान पद के लिए अलग-अलग ब्लॉकों पर 59 लोगों ने लिखित आपत्ति की है। कौड़ीराम में तीन, बेलघाट में दो, पिपराइच में एक, गगहा में छह, ब्रह्मपुर में 11, खोराबार में तीन, भटहट में 10, चरगांवा में सात, सरदारनगर में सात व उरुवां में नौ आपत्तियां मिली हैं। ज्यादातर आपत्तियों में आबादी का हवाला दिया गया है।
आपत्ति करने वालों का कहना है कि उनके यहां जिस वर्ग की आबादी कम है, उसी के लिए सीट आरक्षित हो गई है। तीन बार लगातार प्रधान पत्र आरक्षित करने पर आपत्ति की गई है तो गांव में सवर्ण की आबादी न होने के बावजूद अनारक्षित करने पर भी सवाल उठाए गए हैं। झंगहा क्षेत्र के जिला पंचायत वार्ड 63 को लेकर आयी आपत्ति में तर्क दिया गया है कि पिछली बार यह सीट अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित थी और इस बार भी उसी वर्ग के लिए आरक्षित कर दिया गया है। दावा किया गया है कि यह सीट अनारक्षित या अन्य पिछड़ा वर्ग के लिए आरक्षित होनी चाहिए थी।