पंचायत चुनावों के मद्देनजर राज्य निर्वाचन आयोग ने मतदाता पुनरीक्षण अभियान के कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। एक अक्तूबर से 12 नवंबर तक चलने वाले अभियान के दौरान मतदाता बनने के साथ ही वोटर लिस्ट की खामियां भी दुरुस्त की जाएंगी। ऑनलाइन वोटर बनने का भी विकल्प मिलेगा।
गोरखपुर जिला निर्वाचन कार्यालय (पंचायत) के मुताबिक, 29 दिसंबर को मतदाता सूची के अंतिम प्रकाशन की तिथि तय है। पंचायतों की मतदाता सूची में करीब 28.50 लाख वोटर हैं। पंचायत चुनाव से पहले यह संख्या 30 लाख पहुंच जाने की उम्मीद है।
दरअसल, कोरोना संकट की वजह से दिल्ली, मुंबई, हरियाणा, पंजाब, गुजरात आदि शहरों से बड़ी संख्या में लौटे प्रवासी मजदूरों में भी तमाम ऐसे हैं, जो अभी तक वोटर नहीं हैं। पिछले चुनाव की तुलना में इस बार ग्राम पंचायतों की संख्या कम हो गई है।
पिछली बार प्रधान व ग्राम पंचायत सदस्य के लिए 1354 पंचायतों में चुनाव हुआ था, जबकि इस बार 1307 में ही होगा। 45 पंचायतें नगर निगम में शामिल हो गई हैं, जबकि दो पंचायतों का उनवल के नगर पंचायत बनने से विलय हो गया।
दावेदार छह महीने से कर रहे तैयारी
निर्वाचन आयोग अब, मगर दावेदार छह महीने पहले से ही गांवों में छूटे हुए लोगों को वोटर बनवाने की कसरत कर रहे हैं। इस साल या जनवरी 2021 में 18 साल की उम्र पूरी करने वाले युवाओं की भी सूची तैयार की जा रही है। दावेदार उन्हें भरोसा दिलाते घूम रहे हैं कि वोटर बनाने के लिए उन्हें परेशान होने की जरूरत नहीं। सारी जिम्मेदारी हमारी है।