व्यापारी गोपाल जायसवाल, नवीन कुमार कृपलानी व उमेश मद्देशिया।
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गोरखपुर में लॉकडाउन के बीच किराना व्यापारियों को काफी नुकसान उठाना पड़ा है। लगन और त्योहार के दौरान किराना बाजार बंद रहे। इसकी वजह से दुकानों में रखे पैक्ड और अन्य सामान खराब हो गए।
व्यापारियों का कहना है कि अब सीमित समय के लिए दुकान खोले गए हैं तो इससे कुछ राहत तो जरूर मिली है, लेकिन अभी बिक्री कुछ खास नहीं है। व्यापारियों को चिंता है कि कहीं आने वाले लगन में भी कोरोना की तीसरी लहर की वजह से लॉकडाउन हुआ तो व्यवसाय एकदम बर्बाद हो जाएगा।
लगन का पूरा सामान खराब
किराना व्यापारी गोपाल जायसवाल ने बताया कि लगन के लिए फरवरी-मार्च से ही सामानों को मंगवाना शुरू कर दिया था। इसमें मसाले, मुनक्का, काजू, बादाम, घी, डालडा आदि शामिल हैं। लॉकडाउन के बीच लगभग सभी लगन बीतने से इन सामानों की एक्सपायरी नजदीक आ गई। वहीं कुछ सामान दुकान बंद होने से खराब हो गए।
व्यापारियों की मदद करे सरकार
गोरखपुर किराना कमेटी के अध्यक्ष उमेश मद्देशिया ने बताया कि लॉकडाउन में दुकानें बंद रहीं, लेकिन इस दौरान बिजली बिल व अन्य खर्चे बरकरार रहे। इसकी वजह से काफी नुकसान हुआ है। लगन का समय बीत जाने की वजह से फिलहाल बिक्री भी कुछ खास नहीं है। सरकार बिजली बिल समेत अन्य खर्चों में राहत देकर हम व्यापारियों की मदद करे।
होम डिलीवरी भी नहीं थी
चेंबर ऑफ ट्रेडर्स के अध्यक्ष अनूप अग्रवाल ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान बहुत कम किराना दुकानदारों को होम डिलीवरी की अनुमति मिली थी। किराना, जूस सेंटर, मिठाई, बैकरी, प्रोवीजन स्टोर्स की दुकानों पर ताले लगे रहे। इससे दुकानदारों को काफी नुकसान हुआ। उम्मीद है कि आने वाले लगन और त्योहारों के मौके पर बिक्री बढे़गी।
केक, पेस्ट्री व अन्य सभी सामान खराब
लक्ष्मी बेकर्स के नवीन कुमार कृपलानी ने बताया कि लॉकडाउन के कारण दुकान में रखा केक, पेस्ट्री व अन्य खाने-पीने का सामान नष्ट हो गया। दुकान खोलने के साथ ही सब सामानों को फेंकना पड़ा। अचानक से लॉकडाउन लगने की वजह खाने-पीने का जो सामान दुकान में रखा था, वह उसी अवस्था में रखा रह गया।