फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर: ऑक्सीजन प्लांट की फिर से होगी जांच, इस वजह से प्रशासन ने लिया फैसला

Mon, 21 Feb 2022 01:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

शासन के निर्देश पर एमएमएमयूटी की तकनीकी टीम करेगी जांच, कॉपर की जगह प्लास्टिक की पाइप लगाने का मामला।
विज्ञापन
गोरखपुर ऑक्सीजन प्लांट। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

कोरोना महामारी के बीच लगे ऑक्सीजन प्लांट की फिर से जांच होगी। शासन के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएयूटी) की तकनीकी टीम से जांच कराएगा। बताया जा रहा है कि ऑक्सीजन प्लांट में कॉपर की जगह प्लास्टिक की पाइप लगाई गई है। शासन के इस निर्णय से हड़कंप मच गया है।

विज्ञापन


जानकारी के मुताबिक, जिले में 17 ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इन प्लांटों को पीएम केयर्स, आपदा कोष और कॉरपोरेट रिस्पांसबिलिटी फंड (सीआरआर) के रुपये से लगाए गए हैं। शासन को सूचना मिली है कि प्लांट लगाने में कार्यदायी संस्थाओं ने काफी झोल किया है। महानिदेशक स्वास्थ्य डॉ. वीबी सिंह ने प्रदेश के सभी सीएमओ को पत्र लिखकर 10 फीसदी निर्माण कार्यों का टेक्नीकल ऑडिट कराने का फैसला लिया है।

शासन को सूचना मिली है कि कुछ जगहों पर ऑक्सीजन प्लांट में कॉपर पाइप की जगह पीवीसी पाइप लगाई गई। उसे कॉपर के कलर से पेंट कर दिया गया। इसके अलावा, आईसीयू वार्ड में सेक्शन के लिए अलग से पाइप नहीं लगाई गई है। यह सूचना गंभीर है। इससे काफी खतरा हो सकता है। ऐसे में जांच जरूरी है।

एमएमएमयूटी करेगी ऑक्सीजन प्लांट की जांच  

सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दुबे ने बताया कि 17 ऑक्सीजन प्लांट की स्थापना हुई है। यह ऑक्सीजन प्लांट 15 अस्पतालों में लगाए गए हैं। इन ऑक्सीजन प्लांट की तकनीकी जांच के निर्देश दिए गए हैं। यह जांच मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) की तकनीकी टीम से कराई जाएगी। इसमें गड़बड़ी मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

विज्ञापन
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें