एप के माध्यम से प्रशासन को ऑक्सीजन की कालाबाजारी रोकने में सफलता तो मिलेगी, अस्पतालों को उनकी जरूरत के मुताबिक ऑक्सीजन भी उपलब्ध कराया जा सकेगा। ऑक्सीजन की मांग, आपूर्ति और खपत की जानकारी रखने के लिए इस एप में विश्वविद्यालय की विशेषज्ञ टीम ने त्रिस्तरीय व्यवस्था की है।
टीम में शामिल एमएमएमयूटी के प्रो. गोविंद पांडेय ने बताया कि बताया कि एप में प्रशासन की सुविधा के लिए तीन फार्मेट दिए गए हैं। पहले फार्मेट में बिक्री और खरीद पर नजर रखने के फीचर्स हैं। दूसरा फार्मेट ऑक्सीजन की परिवहन व्यवस्था की मानिटरिंग के लिए बनाया गया है।
तीसरा फार्मेट मांग, खपत और आपूर्ति में संतुलन बनाने रखने में मदद करेगा। उत्पादन केंद्र से लेकर अस्पतालों तक में ऑक्सीजन की अद्यतन जानकारी एप में समय-समय से अपलोड की जा सके, इसके लिए अस्पतालों को एप की लॉगिन और पासवर्ड दे दिया गया है। इसके दायरे में सभी सरकारी और निजी अस्पतालों को रखा गया है।
नोडल अफसर तय किए गए
सभी अस्पताल सही-सही अद्यतन जानकारी अपलोड करते रहें, इसकी मानिटरिंग के लिए नोडल अफसर तय किए गए हैं। यह एप गोरखपुर मंडल के सभी जिलों (देवरिया, कुशीनगर, महराजगंज और गोरखपुर) के लिए बनाया गया है।