गोरखपुर। तारामंडल क्षेत्र में पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास शुक्रवार को बिजली केबल जल जाने से लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बार-बार अलग-अलग समस्याएं आने के कारण 60 से अधिक घरों की बिजली आपूर्ति साढ़े 10 घंटे से ज्यादा देर तक बाधित रही।
सुबह करीब 11 से अपराह्नन तीन बजे तक कार्य होने के कारण बिजली कटी रही। कार्य पूर्ण होने के बाद आपूर्ति दी गई तो तार टूट गया। यह ठीक किया गया, उसके बाद देर शाम केबल में आग लगने से इलाके की बिजली आपूर्ति ठप हो गई।
शुक्रवार को पूर्वाह्न 11 से अपराह्न करीब तीन बजे तक बिजली कटौती रही। इस दौरान भीषण गर्मी में लोगों का घरों में रहना मुश्किल हो गया। बिजली न रहने से पानी की सप्लाई, कूलर और अन्य जरूरी उपकरण भी बंद रहे। वहीं देर शाम फिर से तार टूटने से दिक्कत हुई। इसे बनाने के बाद रात करीब आठ बजे पंचमुखी हनुमान मंदिर के पास केबल जल गया। इससे करीब 60 से अधिक घरों की बिजली गुल हो गई। अचानक आपूर्ति बाधित होने से लोगों में नाराजगी दिखी। तारामंडल के जेई इंद्रजीत वर्मा ने बताया कि केबल में आग लग गई थी। इस समय कार्य हो रहा है, जल्द ही बिजली आ जाएगी।
शुक्रवार को महानगर में वीआइपी मूवमेंट ज्यादा था। नियमानुसार ऐसे मौकों पर शटडाउन नहीं लिया जाता है। यदि पहले से शटडाउन लिया गया होता है तो इसे टाल दिया जाता है लेकिन शुक्रवार को ऐसा नहीं किया गया।
पारेषण के उपखंड अधिकारी अभय प्रताप सिंह ने कहा कि वितरण के अभियंताओं से बात करने के बाद ही शटडाउन लिया गया था। सभी ने वैकल्पिक इंतजाम की सहमति दी थी। इसके बाद रेलवे की तरफ का सुधार कार्य कराया गया था। शटडाउन दोपहर 12:30 बजे लिया गया था। नगरीय विद्युत वितरण खंड प्रथम के अधिशासी अभियंता अंकित कुमार ने कहा कि शटडाउन लेने की कोई सूचना मुझे नहीं दी गई थी। ऐसे समय में शटडाउन नहीं लिया जाना चाहिए।
बिजली सुधार की दिशा में बड़ा काम शुरू
गोरखपुर। महानगर में बिजली सुधार की दिशा में बड़ा काम शुरू हो गया है। बिजली निगम 60 किलोमीटर लंबाई में एरियल बंच कंडक्टर (एबीसी) बिछाएगा। गोरखनाथ और टाउनहाल खंड क्षेत्र में इसके लिए जगह चिह्नित कर ली गई है। तीन गुणा 150 क्षमता के यह केबल बिजली का लोड ज्यादा पड़ने पर भी खराब नहीं होगा। इससे निर्बाध आपूर्ति जारी रहेगी। साथ ही जर्जर हो चुके 640 बिजली के पोल भी बदले जाएंगे। महानगर के सभी 27 उपकेंद्रों के छोटे-छोटे उपकरणों की जांच इन दिनों कराई जा रही है।