बीआरडी में प्रदर्शन कर रहे नर्सिंग स्टाफ को समझाते प्राचार्य
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
बीआरडी मेडिकल कॉलेज में इंटर्न छात्र की ओर से स्टाफ नर्स की पिटाई के बाद दूसरे दिन शुक्रवार को भी नर्सिंग स्टाफ ने प्रदर्शन किया। दिनभर परिसर में हंगामा चलता रहा। इनके समर्थन में मेडिकल कॉलेज के अन्य कर्मचारी भी आ गए। वहीं, कॉलेज प्रशासन ने जांच पूरी होने तक आरोपी इंटर्न और स्टाफ नर्स को ड्यूटी से हटा दिया गया है।
शुक्रवार सुबह ही महिला व पुरुष नर्स बड़ी संख्या में एकत्रित हुए और प्रदर्शन शुरू कर दिया। बाबा राघव दास की मूर्ति के पास स्टाफ वह धरने पर बैठ गए। दोपहर 12 बजे के करीब प्राचार्य डाॅ. रामकुमार जायसवाल, एसडीएम, सीओ गोरखनाथ रवि सिंह, थाना प्रभारी शाहपुर और गुलरिहा पुलिस के साथ वार्ता के लिए पहुंचे।
काफी देर तक बातचीत के बाद भी कोई निष्कर्ष नहीं निकला। इसके बाद वे वापस चले गए। कर्मचारियों का कहना था कि मारपीट का मामला दर्ज कर कार्रवाई की जाए। पुरुष स्टाफ नर्स के समर्थन में आउटसोर्स कर्मचारी, संविदा कर्मचारी, नियमित कर्मचारियों के साथ बीआरडी के अन्य विभागों के कर्मचारी भी समर्थन में आ गए।
जानकारी के अनुसार, बृहस्पतिवार की दोपहर दो बजे के करीब महिला सर्जरी वार्ड नंबर चार में कार्यरत एक इंटर्न छात्र ट्रामा सेंटर के इमरजेंसी सर्जरी में पहुंचकर बिना पूछे एक इंजेक्शन (दवा) ले जाने लगा। इतने पर ड्यूटी पर तैनात पुरुष नर्स जयप्रकाश ने कहा कि अपने काम भर का सिरिंज में भरकर ले जाइए।
आरोप है कि इतने पर इंटर्न आग बबूला हो गया। आरोप है कि उसने नर्स को थप्पड़ जड़ दिए। बाद में इंटर्न ने फोन कॉल करके अपने 20 से 25 साथियों को बुला लिया और उसकी जमकर पिटाई कर दी। इससे आक्रोशित नर्सों ने रात तक प्रदर्शन किया था। बाद में दोनों पक्षों ने थाने में तहरीर दी।
शिफ्ट में हुआ काम
नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों का प्रदर्शन दिनभर चलता रहा। चिकित्सकीय कार्य चलता रहा। नर्सिंग स्टाफ ने शिफ्ट में ड्यूटी की। हालांकि, वार्ड में कम संख्या में नर्सिंग स्टाफ और अन्य कर्मचारी रहे।
दोनों पक्षों से बात की गई है। जांच कमेटी तीन दिनों में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल आरोपी इंटर्न और नर्स को ड्यूटी से हटा दिया गया है। रिपोर्ट आने तक इनसे कार्य नहीं लिया जाएगा: डॉ. रामकुमार जायसवाल, प्राचार्य, बीआरडी मेडिकल कॉलेज