पहली आदिवासी महिला द्रौपदी मुर्मू के राष्ट्रपति बनने से शहर की बेटियां उत्साहित हैं। अमर उजाला के शहर कार्यालय आईं सीआरडी पीजी कॉलेज की एनसीसी कैडेट्स ने खुशी का इजहार किया। कहा, महिला सशक्तीकरण की दिशा में कदम बढ़े हैं। अब बेटियां और सशक्त होंगी।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सोमवार को राष्ट्रपति पद की शपथ ली है। इसी सिलसिले में अमर उजाला फाउंडेशन की अनूठी मुहिम के तहत शहर कार्यालय में संवाद कराया गया। महिला सशक्तीकरण पर आयोजित संवाद में कैडेट पलक मोदनवाल ने कहा कि राष्ट्रपति आदिवासी समुदाय से हैं। उन्हें मध्यम वर्गीय परिवार की समस्याओं की जानकारी है। बेटियों के उत्थान की दिशा में सकारात्मक कार्य करेंगी, ऐसी उम्मीद है।
प्रगति पांडेय ने कहा कि महिला सुरक्षा को लेकर और ठोस कदम उठाए जाने चाहिए। केंद्र व राज्य सरकार की मदद से राष्ट्रपति महिला सुरक्षा की दिशा में प्रभावी कदम उठाएंगी। प्रीती दूबे ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा सुनिश्चित करनी होगी। अब भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां बेटियों को उच्च शिक्षा नहीं मिल पा रही है।
मुस्कान श्रीवास्तव ने कहा कि अब दहेज प्रथा पर अंकुश लगाने की जरूरत है। इस दिशा में नई राष्ट्रपति को सोचना चाहिए। केंद्र सरकार से बात करके कानून पारित कराना चाहिए। इससे बेटियां और सशक्त होंगी। गीता, प्रीती यादव, श्रद्धा पांडेय, प्रेरणा मिश्रा और खुशी ने कहा कि अब बेटियां बोझ नहीं हैं। किसी भी तबके की बेटी देश के सर्वोच्च पद तक पहुंच सकती है। यह आदिवासी महिला के राष्ट्रपति बनने से साबित हो गया है।