उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां पारिवारिक विवाद के बीच वरिष्ठ सपा नेता जफर अमीन समेत चार लोगों पर दुष्कर्म, छेड़खानी और धमकी देने का आरोप लगा है। इस सिलसिले में एक महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर मुकदमा दर्ज कराने की मांग की थी। इस पर सुनवाई करते हुए अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम की कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को केस दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है। एफआईआर की कॉपी कोर्ट को देनी है।
जानकारी के मुताबिक, कोतवाली क्षेत्र के इस्माइलपुर की रहने वाली महिला ने कोर्ट में प्रार्थना पत्र देकर बताया था कि वह अपने पति के साथ मकान में रहती हैं। यह मकान बड़ा है। ससुर के निधन से पहले बंटवारे में मिला था। मकान का निकास एक ही है। एक देवर की शादी नहीं हुई है। 14 जनवरी 2020 को पति कहीं बाहर गए थे। वह नहाने के बाद कमरे में कपड़ा बदल रही थी। इसी दौरान पहले से कमरे में छुपकर बैठा अदनान उसे पकड़ कर जबरदस्ती करने लगा। शोर मचाने पर जानमाल की धमकी देने लगा।
इसी दौरान रेहान, शाइस्ता और जफर अमीन भी वहां पहुंच गए। आरोप लगाया कि इस घटना की सूचना थाने पर दी, लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। लॉकडाउन के चलते रजिस्टर्ड सूचना एसएसपी को दी थी। अब कोर्ट ने कोतवाली पुलिस को आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने का आदेश दिया है।