गोरखपुर। नौकरी दिलाने और आर्थिक मदद का झांसा देकर लोगों के नाम पर बैंक खाते खुलवाकर देशभर में साइबर ठगी करने वाले गिरोह का रामगढ़ताल पुलिस ने पर्दाफाश किया है।
पुलिस की जांच में सामने आया कि गिरोह ने 10 से 12 बैंक खातों के जरिए करीब 8 करोड़ 37 लाख रुपये की साइबर ठगी की है। पुलिस ने गिरोह के एक गुर्गे को गिरफ्तार कर उसके नेटवर्क की जांच शुरू कर दी है।
पकड़े गए आरोपी की पहचान रामगढ़ताल क्षेत्र के झड़वा निवासी शिवम साहनी के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से साइबर अपराध में इस्तेमाल किए गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। मामले में रामगढ़ताल थाने में तीन आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है जबकि अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
रामगढ़ताल क्षेत्र के अजनवनिया गांव निवासी अखिलेश निषाद ने 11 जुलाई को पुलिस को तहरीर देकर आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने उसे अच्छी नौकरी दिलाने और आर्थिक सहायता देने का भरोसा दिया।
इसके बाद उसके नाम से कई मोबाइल सिम कार्ड और अलग-अलग बैंकों में खाते खुलवा लिए गए। आरोप है कि आरोपियों ने इन खातों से जुड़ी इंटरनेट बैंकिंग, यूजर आईडी, पासवर्ड, चेकबुक और अन्य दस्तावेज अपने कब्जे में ले लिए। जब अखिलेश को खातों के गलत इस्तेमाल की जानकारी हुई और उसने विरोध किया तो उसे जान से मारने की धमकी दी गई।
शिकायत के बाद रामगढ़ताल थाना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू की। जांच में पता चला कि बैंक खातों का पूरा एक्सेस एक ऑनलाइन ग्रुप को उपलब्ध कराया जाता था। देश के अलग-अलग हिस्सों से साइबर ठगी की रकम इन खातों में जमा कराई जाती थी।
इसके बाद रकम को फोनपे, एटीएम और अन्य माध्यमों से निकाला जाता था। एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि ठगी से हासिल धनराशि का कुछ हिस्सा यूएसडीटी खरीदने में लगाया जाता था, जबकि बाकी रकम आरोपी निजी इस्तेमाल में लाते थे।