उत्तर प्रदेश के बस्ती जिले में आए दिन पुलिस अवैध असलहे बरामद तो करती है, लेकिन वे कहां से आ रहे हैं, उनकी सप्लाई कौन दे रहा है तथा इससे जुड़े हुए लोग कौन हैं? उसकी जड़ तक जाने की कभी जहमत नहीं उठाती। जनवरी से लेकर अब तक कुल 64 अवैध तमंचे, 99 कारतूस और 35 अवैध चाकू बरामद किए गए हैं, लेकिन इसकी आमद की स्रोत का पता नहीं लगाया गया।
उम्मीद है कि 'ऑपरेशन तमंचा' अभियान में यह कवायद हो सके। बस्ती समेत गोरखपुर जोन के सभी जिलों में यह अभियान शुरू किया गया है। रेंज के आईजी/डीआईजी इसकी मॉनिटरिंग कर रहे हैं।
एसपी आशीष श्रीवास्तव ने एक महीने चलने वाले इस अभियान में लोगों का भी सहयोग मांगा है। एसपी ने बताया कि इसके लिए मोबाइल नंबर 9454458001 जारी किया गया है। इस पर सूचना देने वाले का नाम, पता और अन्य पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
वाकया एक
20 जून 2020 को परशुरामपुर थाना क्षेत्र के बस्थनवां में पुलिस ने अवैध असलहा और कारतूस बनाने का कारखाना पकड़ा। पांच लोग मौके से पकड़े गए और पांच कट्टा 315 बोर, तीन कट्टा 12 बोर और 37 कारतूस, ड्रिल मशीन, ग्राइंडर मशीन, कटर मशीन डाइमेकर, अन्य उपकरण और अर्धनिर्मित असलहे बरामद किए गए। तत्कालीन एसपी ने प्रेसवार्ता करके बताया कि यह कारखाना कई वर्षों से चल रहा था, मगर इसमें बनाए गए तमंचों की खेप किन्हें बेची गई, इस बारे में पुलिस अब तक कुछ नहीं बता पाई।
वाकया दो
27 जुलाई 2018 को लालगंज थाने के भक्तूपुर में स्थित झोपड़ी में अवैध असलहे बनाने की फैक्ट्री का भंडाफोड़ किया गया था। वहां से चार देसी तमंचे 12 बोर, एक अर्धनिर्मित कट्टा, 315 बोर के दो निर्मित और एक अर्धनिर्मित तमंचा, प्वाइंट 22 की एक फैक्ट्री मेड पिस्टल, कारतूस तथा खोखे, बारूद के अलावा शस्त्र बनाने के उपकरण बरामद किए गए थे। बताया गया था कि इस गिरोह का नेटवर्क बिहार के गोपालगंज तक है, लेकिन इसके आगे पुलिस छानबीन नहीं कर सकी।