मिक्सोपैथी के खिलाफ इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के डॉक्टर एकजुट हो गए हैं। इसे लेकर आज जिले भर में डॉक्टर सुबह से ही हड़ताल पर रहेंगे। निजी अस्पताल, क्लीनिक व डायग्नोस्टिक सेंटर में रूटीन जांच और ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेगी। सिर्फ इमरजेंसी में मरीजों का इलाज और जांच की जाएगी। इसके अलावा कोविड के गंभीर मरीजों का भी इलाज होगा।
आईएमए के जिला सचिव डॉक्टर वीएन अग्रवाल ने कहा कि सर्जरी सिर्फ सर्जन ही कर सकता है। इसके लिए सर्जन ने काफी अध्ययन और शोध किए होते हैं। लेकिन जिन लोगों ने कभी सर्जरी की पढ़ाई नहीं की और उन्हें सर्जरी की अनुमति दी जा रही है, यह खतरे से खाली नहीं है। आयुर्वेदिक डॉक्टरों को सर्जरी की अनुमति दिया जाना गलत है।
आईएमए के मीडिया प्रभारी प्रो. डॉ. अमित मिश्र ने कहा कि आयुर्वेदिक डॉक्टर सर्जरी करेंगे तो इसका दुष्परिणाम जनता के साथ ही एलोपैथ के डॉक्टरों को भी भुगतना पड़ेगा। अगर आयुर्वेद के डॉक्टर की लापरवाही के कारण मरीज गंभीर हुआ तो अंत में एलोपैथ के डॉक्टरों के पास ही केस आएंगे। इससे डॉक्टरों की समस्याएं बढ़ेंगी, साथ ही लोगों का विश्वास भी कम होगा।
ओपीडी पूरी तरह से बंद रहेगी
प्रो डॉ. अमित मिश्र ने बताया कि चिकित्सा में एक पैथी की पढ़ाई करके दूसरी पैथी की प्रैक्टिस करने की अनुमति देना बेहद खतरनाक कदम है। विश्व में ऐसा करने की अनुमति किसी भी देश में नहीं है। ऐसा करने से हर चिकित्सा पद्धति का विनाश ही होगा। इसके विरोध में यह आंदोलन किया जा रहा है। इसके तहत आज डॉक्टर कार्य बहिष्कार करते हुए निजी अस्पतालों में ओपीडी बंद रखेंगे। आईएमए के पूर्व अध्यक्ष डॉ. एससी कौशिक और पूर्व सचिव डॉ. राजेश गुप्ता ने बताया कि खिचड़ी व्यवस्था के खिलाफ आईएमए एकजुट है।
जिला अस्पताल, बीआरडी और एम्स में मिलेगा इलाज
मिक्सोपैथी के खिलाफ आज निजी अस्पताल बंद रहेंगे, लेकिन मरीजों के लिए सरकारी अस्पताल खुले रहेंगे। जिला अस्पताल, महिला अस्पताल, सीएचसी, पीएचसी, एम्स और बीआरडी मेडिकल कॉलेज में ओपीडी संचालित होगी।
हड़ताल को जनहित में वापस लेने की अपील
नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन (नीमा) के प्रांतीय कोषाध्यक्ष एवं भारतीय जनता पार्टी, चिकित्सा प्रकोष्ठ के क्षेत्रीय संयोजक डॉ. जेपी नारायण ने गुरुवार को प्रेस विज्ञप्ति जारी की। इसमें उन्होंने आईएमए के राष्ट्रव्यापी हड़ताल के निर्णय को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया है।
हड़ताल को जनहित में वापस लेने की अपील की है। बताया कि यदि हड़ताल हुई तो नेशनल इंटीग्रेटेड मेडिकल एसोसिएशन से जुड़े चिकित्सक अधिक समय देकर रोगियों की निशुल्क चिकित्सा सेवा करेंगे। उन्होंने हड़ताल की आलोचना करते हुए इसे जनविरोधी, निराधार व औचित्य विहीन बताया।