बड़े अपराधियों से जेल में अब कोई भी आसानी से मुलाकात नहीं कर सकेगा। बदमाशों का जेल में अलग रजिस्टर बनेगा। बदमाशों से उसके परिचित दस लोगों के नाम लिए जाएंगे। उन सभी का सभासद या प्रधान द्वारा निवास स्थान सत्यापित किया जाएगा। सूची को एलआईयू भी सत्यापित करेगी। तब इन्हीं दस लोगों को मुलाकात का मौका मिलेगा। मुलाकात भी सीसीटीवी कैमरे की जद में कराई जाएगी और इसका रिकॉर्ड जिला प्रशासन को भेजा जाएगा।
जानकारी के मुताबिक, जेल में बंद होने के बाद सामान्य कैदी-बंदी के मुलाकातियों की तरह ही नंबर लगाकर बड़े बदमाश के करीबी भी मिल लेते थे। इसे लेकर पुलिस की ओर से आपत्ति भी की गई थी। इसके बाद जेल प्रशासन ने बड़े बदमाशों की उसके परिचितों से मुलाकात को लेकर नया प्लान तैयार किया गया है। इसकी शुरुआत भी कर दी गई है। जंगल में लूटपाट के आरोपियों से मुलाकात करने आए परिजनों को लौटा दिया गया। अब सभी बदमाशों से उनके करीबी दस लोगों का नाम मांगा गया है और फिर इसकी जानकारी उनके परिजनों को दी जा रही है। अब वह सत्यापन कराने के बाद अपना प्रार्थना पत्र देंगे, जिस पर एलआईयू सत्यापन करेगी कि उनकी जानकारी सही है या नहीं। सही होने के बाद ही मिलने की अनुमति दी जाएगी।
बड़े बदमाशों के मुलाकातियों के लिए अलग रजिस्टर बनाया गया है। इनके मुलाकातियों की सूची तैयार की जा रही है। जिनका सत्यापन हो गया होगा वही लोग मिल सकेंगे। सीसीटीवी कैमरे के सामने ही मुलाकात कराई जाएगी।
-दिलीप पांडेय,
जेल अधीक्षक