केस एक : वर्ष 2022 के मई माह में सरहरी निवासी विनोद कुमार ने हैदराबाद के होटल में ठहरने की बुकिंग कराई। उन्हाेंने गूगल से होटल की जानकारी ली। वेबसाइट पर लुभावने ऑफर देखकर उन्होंने होटल बुक लिया। वह जब परिवार संग हैदराबाद पहुंचे तो पता लगा कि उनकी बुकिंग तो हुई ही नहीं है। इससे वह परेशान हो गए। बाद में मालूम हुआ कि उनके साथ ठगी हुई है।
केस दो: कोतवाली क्षेत्र के रहने वाले जावेद को पिछले साल मनाली घूमने जाना था। उन्होंने एक वेबसाइट के जरिए बुकिंग करा ली। उनसे पांच हजार रुपये का अग्रिम भुगतान लिया गया। बाद में उनकी यात्रा निरस्त हो गई। तो उन्होंने दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। लेकिन फोन रिसीव नहीं हुआ। परेशान होकर उन्होंने कोतवाली पुलिस से संपर्क किया। तब सामने आया कि वह ठगी के शिकार हो गए हैं।
इसे भी पढ़ें: ट्रायल रूम में पैंट के नीचे लोवर पहनकर युवक फरार, घटना CCTV में हुई कैद
ऐसे करते हैं जालसाजी, आसानी से लोग होते शिकार
पुलिस के अनुसार इस तरह की जालसाजी करने वाले साइबर ठग फर्जी एप और वेबसाइट बनाकर लोगों संग ठगी करते हैं। वह नामी-गिरामी कंपनियों के नाम से मिलती-जुलती वेबसाइट बनाते हैं। नामी कंपनियों की वेबसाइट और ईमेल आईडी में आंशिक बदलाव करके जालसाज लोगों को शिकार बनाते हैं। पर्यटक जब अपने बुक कराए गए स्थान पर पहुंचते हैं तो उनके होटल इत्यादि नहीं मिलते हैं। बुकिंग करने वाले मोबाइल नंबर पर काल करने के दौरान कोई संपर्क नहीं हो पाता है। साइबर से जुड़े लोगों का कहना है कि जालसाज होटलों के गूगल प्रोफाइल पर फर्जी तस्वीरें पोस्ट करते हैं।
- ऑनलाइन बुकिंग कराने के दौरान अधिकृत वेबसाइट और एप से ही बुकिंग कराएं।
- लुभावने ऑफर के चक्कर में किसी भी अंजान वेबसाइट या कंपनी के चक्कर में न पड़े।
- शहर के ट्रेवेल एजेंट और टूर पैकेज देने वाले अधिकृत केंद्रों पर जाकर विधिवत जानकारी लें।
- होटल सहित अन्य सुविधाओं की जानकारी लेकर ही बुकिंग कराएं।
- बुकिंग कराने के दौरान यूपीआई, बैंक एकाउंट सहित अन्य का प्रयोग सावधानी पूर्वक करें।
- वेबसाइट खोलते समय उसका नाम की वर्तनी (स्पेलिंग) को अच्छी तरह से जांच लें।
- साइबर ठग टीम व्यूवर, एनी डेस्क, क्विक सपोर्ट जैसे एप डाउनलोड करने को कहते हैं। ऐसा कहने पर तत्काल समझ जाएं कि ठगी हो रही है।
- किसी कंपनी का कस्टमर केयर नंबर जानने के लिए गूगल पर खोज न करें।
- किसी तरह ठगी होने या संदेह होने पर तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर काल करें।
एसपी सिटी कृष्ण कुमार विश्वनोई ने कहा कि गर्मियों की छुट्टियों में लोग कहीं न कहीं घूमने जाते हैं। ऐसे में ऑनलाइन बुकिंग कराने के दौरान काफी सावधानी बरतें। किसी भी वेबसाइट या एप के जरिए बुकिंग कराने में पूरी सावधानी बरतें। वरना ठगी के शिकार हो सकते हैं। लोगों को साइबर जालसाजी से बचाने के लिए पुलिस जागरूक कर रही है।