एनआईटी कैंपस में फंसे कैंपियरगंज के गेरुई के रहने वाले बीटेक द्वितीय वर्ष के छात्र प्रदुम्न ने बताया कि एनआईटी के आसपास सेना के जवानों ने गश्त और बढ़ा दी है। साथ ही जवानों की संख्या अचानक और बढ़ गई है। इसकी वजह से हॉस्टल में रहने वाले छात्रों के बीच और डर बैठ गया है।
बताया कि सुबह और शाम को एनआईटी प्रशासन ने दाल, चावल और सब्जी खाने को दिया है। इन सबके बीच लखनऊ से संपर्क किया गया तो वहां से बताया गया कि एक से दो दिन और लगेंगे। जबकि, बिहार के छात्रों को वहां की सरकार ने 24 घंटे के अंदर ही अपने-अपने घर बुलवा लिया है।
सेना के जवानों ने की मदद गोरखपुर पहुंचा छात्र
एनआईटी कैंपस में फंसा सिद्धार्थनगर का छात्र आशीष मंगलवार को गोरखपुर पहुंच गया है। यहां पहुंचने उसने अपने दोस्तों से मुलाकात कर वहां के अनुभव साझा किए हैं। अमर उजाला से बातचीत में बताया कि वह बुधवार की सुबह सिद्धार्थनगर के लिए रवाना होंगे।
बताया कि कोलकाता से ट्रेन से आया हूं। वहां के बारे में जैसे ही चर्चा की गई तो उसके आंखों में डर बैठ गया। बोला स्थिति बेहद भयानक है। सेना के जवान अगर एयरपोर्ट न पहुंचाते तो घर पहुंचना मुश्किल था। सेना के जवानों ने काफी मदद की, उनकी बदौलत घर वापसी हो पाई है।