नए साल में शहर की एक लाख आबादी को स्वच्छ पेयजल मिलेगा। अमृत योजना के तहत जल निगम ने 50.56 करोड़ की लागत से ओवरहेड टैंक का निर्माण कराया है और पाइप लाइन भी बिछाई है। करीब 40 हजार घरों में नल कनेक्शन दिए गए हैं। जनवरी के अंतिम सप्ताह में इन सभी घरों में पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी।
दरअसल शहर के शिवपुर शहबाजगंज, जंगल तुलसीराम पश्चिमी, दाउदपुर, गोपलापुर, पुराना गोरखपुर एवं इंजीनियर कॉलेज इलाके के 37380 घरों में अब तक पानी की सप्लाई नहीं है।
इस वजह से करीब एक लाख लोगों को शुद्ध पेयजल के लिए परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ इलाकों में लोग पुराने हैंडपंप के पानी का उपयोग कर रहे हैं। इसको देखते हुए नगर निगम ने 50.56 करोड़ रुपये की लागत से अमृत योजना के तहत इन घरों में पाइप लाइन के जरिए पानी की सप्लाई करने का प्रस्ताव शासन को भेजा था। शासन से मंजूरी मिलने के बाद कार्यदायी संस्था जल निगम ने शिवपुर शहबाजगंज और गोपलापुर में एक-एक ओवरहेड टैंक बनाने के साथ पाइपलाइन बिछाने का काम तकरीबन पूरा कर लिया है। जलनिगम के अधिकारियों के अनुसार कनेक्शन देने का काम अंतिम चरण में है।
जलकल महाप्रबंधक एसपी श्रीवास्तव ने कहा कि अमृत योजना के तहत शहर के उन सभी इलाकों में शुद्ध पेयजल पहुंचाया जाएगा, जहां पाइप लाइन के जरिए पानी नहीं पहुंच रहा है। कार्यदायी संस्था जल निगम ने कुछ इलाकों में पानी की सप्लाई शुरू कर दी है। जनवरी के अंत तक शत प्रतिशत घरों में स्वच्छ पेयजल पहुंचने लगेगा।
जलकल अधिशासी अभियंता सुदेश कुमार ने कहा कि अमृत योजना के तहत 50.56 करोड़ रुपये की लागत से करीब 40 हजार घरों में पेयजल आपूर्ति संबंधी कार्य पूरे कर लिए गए हैं। कुछ घरों में कनेक्शन देने का काम अंतिम चरण में है। कुछ ही दिन में पानी की सप्लाई शुरू हो जाएगी।