मामला संज्ञान में आने के बाद पुलिस ने 2022 में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया था, लेकिन तभी से फरार चल रहे थे। बाद में गैंगस्टर की कार्रवाई की गई थी। रविवार को रामूडीहा के पास से प्रभारी निरीक्षक सुधीर सिंह, एसओजी प्रभारी मधुप नाथ मिश्रा की संयुक्त टीम ने आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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कार में खुद आग लगाकर केस दर्ज कराया था सोनू
करीब दो साल पहले पिपराइच थाने में सोनू ने फर्जी केस दर्ज कराया था। तब उसने अपने गांव के एक युवक को फंसाने के लिए खुद ही कार में आग लगा दी थी और फिर केस दर्ज कराया। उसने क्लेम का पैसा भी ले लिया था। लेकिन, बाद में इसकी जानकारी पुलिस की जांच में होने के बाद आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया था।
पूर्व में हुईं जालसाजी की घटनाएं
- 04 फरवरी 2023 : फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 60 लाख की जालसाजी करने के आरोप में पीपीगंज पुलिस ने महराजगंज के विनोद यादव व दीनानाथ को जेल भेजा था।
- 11 फरवरी 2023 : विदेश भेजने के नाम पर करोड़ों की जालसाजी करने वाले देवरिया के गौरीबाजार, देवकुआं निवासी खुर्शीद अंसारी, गौरीबाजार निवासी जमील खान व सिद्धार्थनगर के शोहरतगढ़ के देबुरुआ निवासी दिनेश पासवान को खोराबार पुलिस ने जेल भेजा था।
- 13 मार्च 2023 : पिपराइच पुलिस ने एक करोड़ रुपये की जालसाजी के आरोपी सत्यवान यादव को जेल भेजा।
- 29 जून 2022 : चौरीचौरा पुलिस ने नौकरी के नाम पर 35 लाख की जालसाजी करने के आरोपी रामजानकी नगर निवासी अंजेंद्र शेखर यादव, विलारी सुधीर कुमार, भौवापार निवासी संदीप चौहान को जेल भेजा था।