- नगर आयुक्त के निर्देश पर मुख्य अभियंता ने किया मौके का निरीक्षण
गोरखपुर। सेतु निगम की ओर से नाला निर्माण कार्य के दौरान अस्थायी कच्चे नाले को मंगलवार दिन में बंद कर दिए जाने से कई इलाकों में जल निकासी बाधित हो गई। इसके चलते मोहल्लों में जलभराव की स्थिति हो गई। जानकारी पर नगर आयुक्त के निर्देश पर वैकल्पिक व्यवस्था कराई, जिससे लोगों को राहत मिली।
अस्थायी कच्चे नाले को बंद करने से बुधवार को चक्सा हुसैन, साकेतनगर, मिर्जापुर पचपेड़वा, निमियहवा टोला और मालिन बस्ती समेत आसपास के क्षेत्रों में जल निकासी बाधित हो गई। इसके चलते कई मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बनने लगी। क्षेत्रवासियों ने इसकी सूचना पार्षद एवं नगर निगम के पूर्व उपसभापति ऋषि मोहन वर्मा को दी। पार्षद ने तत्काल नगर आयुक्त अजय जैन को मामले से अवगत कराया। नगर आयुक्त के निर्देश पर मुख्य अभियंता अमित शर्मा, अधिशासी अभियंता अमरनाथ तथा अवर अभियंता मौके पर पहुंचे और स्थिति का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने सेतु निगम के निर्माण कार्य के समानांतर कच्ची खोदाई कराकर जल निकासी की वैकल्पिक व्यवस्था सुनिश्चित कराई, जिससे लोगों को राहत मिली।
दरअसल, कुछ दिन पूर्व जलभराव की समस्या को लेकर चक्सा हुसैन और साकेतनगर के निवासियों के बीच विवाद की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। तब सेतु निगम ने अस्थायी रूप से गड्ढा खोदकर पाइप डालते हुए जल निकासी की व्यवस्था की थी। पार्षद ऋषि मोहन वर्मा ने आरोप लगाया कि फोरलेन परियोजना के तहत फ्लाईओवर, सर्विस लेन और नाला निर्माण कार्य कर रहे सेतु निगम के पास जल निकासी की कोई ठोस वैकल्पिक योजना नहीं है। उन्होंने कहा कि बरसात के दौरान यदि समय रहते आवश्यक इंतजाम नहीं किए गए तो क्षेत्र में भीषण जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।