हॉस्पिटल के लिए जमीन की जरूरत पड़ी तो अपने मित्र राजीव नयन दुबे से बात की। राजीव ने कहा कि मौसी का लड़का विनोद कुमार द्विवेदी गोरखपुर में रहकर जमीन खरीद-बिक्री का काम करता है। इस संबंध में विनोद से बात भी की गई।
विनोद ने जमीन के दो और कारोबारियों श्यामेंद्र सिंह निवासी ग्राम औरंगाबाद थाना गुलरिहा व अजय यादव से मिलवाया। तीनों ने मिलकर औरंगाबाद में 56 डिसमिल जमीन दिखाई और कहा कि जमीन सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी सतीश कुमार की है।
सतीश कुमार जमीन बेचने के लिए अधिकृत कर रखा है। जमीन पसंद आ गई। 12 हजार स्क्वायर फिट जमीन लेने की सहमति भी दे दी। 900 रुपये स्क्वायर फिट के हिसाब से कुल एक करोड़ आठ लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसी लिहाज से 75 लाख रुपये का भुगतान भी किया। बाद में पता चला कि आरोपियों ने जालसाजी की है।
जमीन बेचने के लिए अधिकृत नहीं थे, फिर भी कूटरचित दस्तावेज बनाकर पैसा जमा करा लिया। केस दर्ज करके पुलिस मामले की जांच कर रही थी। अब पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।