अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। एम्स थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग निवासी पंक्चर बनाने वाले राज प्रजापति के नाम पर कथित रूप से फर्जी कंपनी बनाकर 100 करोड़ रुपये का कारोबार दिखाने के मामले में पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
सोमवार को पीड़ित एफआईआर दर्ज कराने की मांग लेकर एसएसपी से मिला। इसके बाद एसएसपी ने सीओ कैंट आभा सिंह को मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
राज प्रजापति ने आरोप लगाया है कि वर्ष 2024 में बहन की शादी के लिए 30 हजार रुपये के लोन की जरूरत होने पर उन्होंने गांव के अमित गुप्ता से संपर्क किया था। आरोप है कि अमित ने लोन दिलाने के नाम पर आधार, पैन कार्ड समेत अन्य दस्तावेज ले लिए। इस दौरान कई कागजों पर हस्ताक्षर भी कराए गए और वीडियो रिकॉर्डिंग भी की गई। पीड़ित का कहना है कि बाद में इन्हीं दस्तावेजों का दुरुपयोग कर उनके नाम से मेसर्स गड़जेट्रीक टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी बना दी गई। कंपनी के नाम से बैंक खाता खोलकर कारोबार भी संचालित किया गया, जबकि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं थी।
मामले का पर्दाफाश फरवरी 2026 में तब हुआ, जब केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर (सीजीएसटी) विभाग की जांच में कंपनी का करीब 100 करोड़ रुपये का टर्नओवर और लगभग 28 करोड़ रुपये का सीजीएसटी बकाया सामने आया। इसके बाद मार्च में सीजीएसटी की टीम रामपुर बुजुर्ग स्थित राज प्रजापति की पंक्चर की दुकान पर पहुंची। मौके की स्थिति देखने के बाद अधिकारियों को गड़बड़ी का संदेह हुआ। एसएसपी डॉ. कौस्तुभ का कहना है कि जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।