तेंदुए की तलाश करते वन विभाग के अधिकारी।
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तेंदुए की सूचना पर वन विभाग की टीम चार घंटे हलकान रही। डीएफओ विकास यादव और उनकी टीम दोपहर से शाम तक रामपुर नया गांव तेंदुआ के दिखाई देने वाली सभी जगहों का निरीक्षण किया। खेतों में पदचिह्न देख टीम ने अंदाजा लगाया कि तड़के फिसिंग कैट को देखकर लोगों ने तेंदुआ समझ लिया होगा।
चार दिन पहले एक हाथी के हिंसक होने से तीन लोगों की मौत हो गई थी। किसी तरह हाथी को नियंत्रित करते हुए स्थिति को नियंत्रित किया गया। इसी बीच सोमवार को रामपुर नया गांव के एक ग्रामीण ने डीएफओ को फोन कर गांव में तेंदुए आने की सूचना दी।
डीएफओ सिंगल बैरल ट्रैंक्विलाइजर गन के साथ मौके पर पहुंचे। करीब दो घंटे निरीक्षण के बाद जब तेंदुआ नहीं दिखा तो टीम ने गांव से लेकर अन्य जंगल क्षेत्र में भी जाकर निरीक्षण किया।
दरअसल, हाथी के पहले गाजियाबाद के एक न्यायालय में भी तेंदुआ निकल गया था। भीड़भाड़ वाली जगह पर तेंदुए के आने और लोगों को घायल करने की घटना को वन विभाग ने गंभीरता से लिया।
डीएफओ विकास यादव ने बताया कि गांव के एक व्यक्ति की सूचना पर टीम रामपुर नया गांव पहुंची थी। चार घंटे से भी अधिक समय तक जांच परख कर टीम लौटी।