कोरोना के नए वैरिएंट ओमिक्रॉन के मद्देनजर स्वास्थ्य विभाग ने तैयारियां तेज कर दी हैं। स्वास्थ्य विभाग ने शहर के 58 सरकारी और निजी अस्पतालों को चिह्नित करते हुए तैयार रहने के निर्देश दिए हैं। इन अस्पतालों में 3200 बेड आरक्षित हैं। निजी अस्पताल संचालकों को सख्त हिदायत दी गई है कि कोरोना की दूसरी लहर में जो रेट शासन ने तय किए थे, उसी दर पर इलाज किया जाएगा। उससे अधिक रुपये लेने वाले अस्पतालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जानकारी के मुताबिक कोरोना की दूसरी लहर में 58 अस्पतालों ने कोरोना के मरीजों का इलाज किया गया था। इस बार इन अस्पतालों में बेडों की संख्या बढ़ाते हुए 3200 कर दी गई है। सरकारी अस्पतालों में 1205 और निजी अस्पतालों में 1447 बेड तैयार किया गया है। 1027 आईसीयू बेड बनाए गए हैं। इनमें से 535 सरकारी और 492 निजी अस्पतालों में बनाए गए हैं। सरकारी अस्पतालों में 175 और निजी अस्पतालों में 108 आईसीयू बेडों पर वेंटिलेटर तथा अन्य आईसीयू बेडों पर हाई फ्लो नेजल कैनुला या बाईपैप लगाए गए हैं।
बच्चों के लिए 89 बेड के पीडियाट्रिक आइसीयू (पीकू) तैयार किए गए हैं। 17 आक्सीजन प्लांट तैयार हो हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज के माइक्रोबायोलॉजी विभाग में प्रदेश की सबसे बड़ी बायोसेफ्टी लैब (बीएसएल-थ्री) तैयार है। यहां कोरोना की प्रतिदिन 10 हजार से अधिक जांच की जा सकेगी। लैब में दो आरटीपीसीआर और दो आरएनए मशीनें मंगा ली गई हैं। बीआरडी में किट सेंटर बना दिया गया। यहीं से जांच के लिए आजमगढ़ मेडिकल कॉलेज, बस्ती मेडिकल कॉलेज सहित आरएमआरसी को जांच किट भेजी जा रही हैं।
दूसरी लहर में मिले थे 60 वेंटिलेटर
पिछले साल अप्रैल माह में कोरोना की दूसरी लहर ने दस्तक दी थी। तब 500 बेड के सुपर स्पेशियलिटी बालरोग चिकित्सा संस्थान को बीआरडी ने तैयार किया। 300 बेड का पूर्वी यूपी का सबसे बड़ा कोविड वार्ड संचालित किया गया। इसमें 60 वेंटिलेटर मिले। बीआरडी के अलावा 100 बेड टीबी अस्पताल, दो सीएचसी और 46 निजी अस्पतालों में इलाज की सुविधा बढ़ाई गई है।
निजी अस्पतालों ने भी बढ़ा दिए वेंटिलेटर
कोरोना महामारी के बीच निजी अस्पतालों ने वेंटिलेटर की सुविधा बढ़ा दी है। पनेशिया हॉस्पिटल में 40 बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध थी, जिसे बढ़ाकर 80 बेड कर दिया गया है। फातिमा हॉस्पिटल में 25 बेड के वेंटिलेटर, आर्यन में 10, गर्ग में पांच बेड पर वेंटिलेटर की सुविधा उपलब्ध है।
600 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड तैयार
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी सीएचसी में आईसीयू संचालित करने का फैसला किया है। इस संबंध में निर्देश जारी हो गए हैं। तीसरी लहर से पहले जिले में 600 बेड के पीडियाट्रिक वार्ड में तैयार कर दिए गए हैं। अकेले 200 बेड का वार्ड बीआरडी में तैयार किया गया है। इसके अलावा हर सीएचसी में पांच-पांच बेड के वार्ड बनाए गए हैं।
400 बेड के इंसेफेलाइटिस वार्ड का भी हो सकता है उपयोग
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि शासन से निर्देश मिलने के बाद तीसरी लहर से पहले तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। कॉलेज में इंसेफेलाइटिस वार्ड में बच्चों के लिए अलग से बेड और आईसीयू वार्ड बनाए गए हैं। इसमें 400 बेड हैं। इन 400 बेड में 177 बेड फ्रेबीकेटेड वार्ड में बनाए गए हैं। इसकी दीवारें प्लास्टिक की हैं। इस वार्ड के रास्ते भी अलग हैं। इन वार्डों का उपयोग कोविड वार्ड के रूप में कर सकते हैं।
बीआरडी से लेकर एम्स में ऑक्सीजन प्लांट तैयार
जिले में ऑक्सीजन की किल्लत दूर हो गई है। एम्स, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, जिला अस्पताल समेत नौ स्वास्थ्य केंद्रों पर 17 ऑक्सीजन प्लांट लगा दिए गए हैं। इसकी जांच की जा चुकी है, जिसमें सभी प्लांट ठीक मिले हैं।
एम्स में 300 बेड का बनेगा कोविड अस्पताल
तीसरी लहर को देखते हुए एम्स प्रशासन ने कोविड अस्पताल बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। यहां 300 बेड का अस्पताल चल रहा है। जरूरत पड़ने पर पूरे अस्पताल को कोविड वार्ड में तब्दील कर दिया जाएगा। मौजूदा समय में अस्पताल में भर्ती 30 मरीजों को डिस्चार्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
पीडियाट्रिक आईसीयू
बीआरडी मेडिकल कॉलेज, सीएचसी कैंपियरगंज, सीएचसी चौरीचौरा, सीएचसी हरनही, राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज बड़हलगंज, रेलवे अस्पताल।
इन निजी अस्पतालों में तैयार किए गए बेड
पैनेशिया सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल, फातिमा हॉस्पिटल, उदय मेडिकल सेंटर, आर इमरजेंसी मेडिकल सेंटर, आर्यन हॉस्पिटल, दुर्गावती हॉस्पिटल, गर्ग हॉस्पिटल, प्राइड हॉस्पिटल, गोरखपुर हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर, बॉम्बे हॉस्पिटल एंड ट्रामा सेंटर, मल्ल मैटरनिटी सेंटर, मेडीहब हॉस्पिटल, डिग्निटी हॉस्पिटल, पीसी हॉस्पिटल, न्यू जीवन हॉस्पिटल, कृष्णा हॉस्पिटल सुपर स्पेशिलिटी एंड ट्रामा सेंटर, आस्था मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल, मानसी द मेडिसिटी, शाही ग्लोबल हॉस्पिटल, विंध्यवासिनी सेंटर, स्टार हॉस्पिटल, डीसेंट हॉस्पिटल, हिंद हॉस्पिटल, जीवनदीप हॉस्पिटल, मेडीहब हॉस्पिटल एंड ट्रॉमा सेंटर, जीवन संगिनी हॉस्पिटल, राणा हॉस्पिटल, दिव्यमान हॉस्पिटल, टाइमोनियर हॉस्पिटल पूर्वांचल मेट्रोसिटी हॉस्पिटल।
इन सरकारी अस्पतालों में इलाज की सुविधा
बीआरडी मेडिकल कॉलेज, एम्स, नेहरू अस्पताल, टीबी अस्पताल, रेलवे अस्पताल, एयरफोर्स अस्पताल, सीएचसी हरनही, सीएचसी चौरीचौरा, महायोगी गुरु गोरक्षनाथ आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज, राजकीय होम्योपैथिक कॉलेज बड़हलगंज, सीएचसी कैंपियरगंज।
बीआरडी मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ गणेश कुमार ने बताया कि कोरोना की पहली और दूसरी लहर से अनुभव लेते हुए बीआरडी मेडिकल कॉलेज में संसाधन बढ़ाए गए हैं। 300 बेड के कोविड वार्ड में मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। दवाओं की कमी नहीं है।
सीएमओ डॉ आशुतोष कुमार दूबे ने बताया कि कोरोना महामारी के बीच काफी संसाधन बढ़ गए हैं। करीब 3200 बेड तैयार किए गए हैं। जरूरत के मुताबिक बेडों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इन्हीं संसाधनों के जरिए कोविड से जंग जीती जाएगी। अपील है कि लोग कोविड प्रोटोकाल का पालन जरूर करें।