गोरखपुर में बजरंग पुनिया।(फाइल फोटो)
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टोक्यो ओलंपिक में कांस्य पदक हासिल करने वाले बजरंग पुनिया दो साल पहले रीजनल स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित स्टेट कुश्ती चैंपियनशिप में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए थे। जिला कुश्ती संघ के अध्यक्ष दिनेश सिंह के प्रयास से 16 नवंबर 2018 को रीजनल स्टेडियम आए थे।
भारतीय कुश्ती संघ के संयुक्त सचिव आदित्य प्रताप सिंह आगू की पहल पर भारतीय कुश्ती के कोच चंद्र विजय सिंह और भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष ब्रजभूषण शरण सिंह ने बजरंग से बात कर उनका आना सुनिश्चित किया था। वे 15 नवंबर को ही गोरखपुर आ गए थे। यहां उप्र हॉकी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष धीरज सिंह हरीश के सिंह के घर ठहरे थे।
प्रैक्टिस न हो प्रभावित इसलिए दो साल तक सोशल मीडिया से दूरी
भारतीय कुश्ती टीम के कोच चंद्रविजय सिंह ने बताया कि बजरंग पुनिया ने ओलंपिक की तैयारी के लिए खूब पसीना बहाया है। प्रैक्टिस प्रभावित न हो इसे लेकर दो साल तक सोशल मीडिया से दूरी बनाए रखी। उनके कड़ी और मजबूत इरादे ने उन्हें इस मुकाम पर पहुंचाया है।
रेलवे की ओर से खेलने वाले बजरंग से 2013 विश्व चैंपियनशिप के दौरान मुलाकात हुई थी। बजरंग फ्री स्टाइल कुश्ती लड़ते हैं जबकि मैं ग्रीको रोमन का कोच हूं। बजरंग की सबसे बड़ी ताकत उनका दमखम है। बजरंग को निखारने में छत्रसाल स्टेडियम के ही ओलंपियन योगेश्वर दत्त का बहुत बड़ा रोल है। शुरू से ही योगेश्वर उन्हें बहुत मानते थे। सामान्य कृषक परिवार के बजरंग को योगेश्वर ने बहुत सपोर्ट किया।