बेटे ने तहरीर में आरोप लगाया है कि गोद लेने वाले स्व. दुबई यादव की संपत्ति को हड़पने के लिए उसकी कथित दादी कलावती देवी पत्नी स्व.दुबई, दादा संतराज और चाची नीलम पत्नी काशीनाथ चौरसिया ने एकराय होकर उसकी मां की हत्या की साजिश रची थी।
बुधवार सुबह सात बजे रोटी बनाते समय दादा संतराज ने कुदाल के पासा (पिछले हिस्से) से सिर पर प्रहार कर मां को मौत के घाट उतार कर फरार हो गया। बेटे का यह भी आरोप है कि घटना की सूचना पाकर कोचिंग सेंटर से घर आने के दौरान रास्ते में मिले बड़े दादा ने उसे भी घेरकर मारने का असफल प्रयास किया।
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रीमा की हत्या के अन्य भी कई अनसुलझे पहलू हैं। इसमें किसी से नजदीकी संबंध की भूमिका अहम है। ग्रामीणों की मानें तो आरोपी महिला कलावती की पहली शादी करीब 40 साल पहले तुलसी देई निवासी गुग्गू प्रजापति के साथ हुई। इसके बाद से कलावती ने दूसरी और फिर तीसरी शादी की। संतराज से भी वह 60 साल की उम्र में शादी करने की तैयारी में थी।
एएसपी मानुष पारिक ने कहा कि मामले में कुछ अन्य तथ्य भी सामने आए हैं, पुलिस ने तीन लोगों पर केस दर्ज किया है, एक महिला को गिरफ्तार कर लिया गया है। मुख्य आरोपी ससुर व अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी कर ली जाएगी।