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पांच बेटे मिलकर भी पिता को दो वक्त की रोटी नहीं खिला सके, क्षुब्ध होकर दे दी जान

Sat, 03 Oct 2020 08:43 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

गांव के बाग में पेड़ पर गमछे के फंदे से लटका मिला बुजुर्ग का शव
खाना देने से बचने के लिए लिए मां-बाप को एक-दूसरे के पास भेजते थे बेटे
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प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गोरखपुर के गुलरिहा थाना क्षेत्र के मंगलपुर टोला जगदीशपुर दक्षिणी निवासी बदरी (65) का शव शनिवार की सुबह गांव के  बाग में गमछे के फंदे से लटका मिला। पुलिस के मुताबिक बुजुर्ग के बेटे उसे खाना देने में आनाकानी करते थे, इसी से क्षुब्ध होकर जान दे दी। प्रधान की सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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जानकारी के अनुसार मंगलपुर टोला जगदीशपुर निवासी बदरी पत्नी के साथ प्रधानमंत्री आवास में रहते थे। उनके पांच बेटे अपने-अपने परिवार के साथ अलग-अलग रहते हैं। पुलिस के अनुसार बेटों में आपसी सहमति थी कि क्रमवार मां-बाप का एक-एक महीने वे भरण पोषण करेंगे।

शुक्रवार की शाम उन्हें किसी ने भोजन नहीं दिया। पुलिस का कहना है कि परिजनों ने बताया कि इस बात को लेकर बेटों में आपस में भी कहासुनी हुई। खाना देने को लेकर बेटों में झगड़ा होते देख बदरी बहुत क्षुब्ध हुआ। कुछ देर बाद वह रात में घर से निकल गए। काफी देर तक वापस नहीं आए तो उनकी पत्नी तलाश के लिए निकलीं। फिर वह भी पूरी रात वापस नहीं आईं।
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सुबह लोगों ने गांव के बगीचे में बदरी का शव लटका देखा और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद सुबह करीब नौ बजे बदरी की पत्नी घर लौटीं। उनका कहना था कि वह पूरी रात बदरी को खोजती रहीं। वहीं बेटे आल्हा ने बताया कि पिता मानसिक रूप से  बीमार थे। अक्सर घर से इधर-उधर चले जाते थे।

दो अक्टूबर की शाम चार बजे वह घर से निकले थे, परिवार के लोग उनकी तलाश कर रहे थे। आल्हा ने बताया कि मौके पर पहुंचने के बाद तुरंत उन्हें नीचे उतारा लेकिन उनकी मौत हो चुकी थी। इस संबध में सरहरी चौकी इंजार्च धनंजय राय ने बताया कि प्रथम दृष्टया जांच में आत्महत्या की बात सामने आ रही है। पीएम रिपोर्ट के बाद ही स्थित स्पष्ट होगी।
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