गोरखपुर। महानगर में सीएम ग्रिड योजना के तहत सड़क और नाला निर्माण पर 25.06 करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, लेकिन निर्माण स्थलों पर सुरक्षा इंतजामों की अनदेखी हो रही है। खुले नालों पर स्लैब नहीं रखे जाने और बैरिकेडिंग की व्यवस्था न होने से राहगीरों की सुरक्षा खतरे में है।
रविवार सुबह अंबेडकर चौक से छात्रसंघ चौराहे की ओर रैन बसेरे के सामने खुले नाले में डूबकर देवरिया निवासी युवक की मौत के बाद नगर निगम के अधिकारियों की नींद खुली। हादसे के बाद नगर निगम ने मौके पर रखे स्लैब चैंबर पर रखवाए। इसके बाद कचहरी बस स्टेशन के पास खुले नाले को भी ढक दिया गया। नगर आयुक्त अजय जैन की ओर से लगातार निर्देश दिए जाने के बावजूद निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था दुरुस्त नहीं की गई थी।
युवक का शव नाले से निकाले जाने के बाद नगर निगम ने जेसीबी की मदद से स्लैब रखवाए। पुलिस के मुताबिक, युवक शराब के नशे में था। हालांकि, यह तथ्य निर्माण स्थल पर सुरक्षा इंतजामों की जिम्मेदारी से संबंधित सवालों को खत्म नहीं करता। जब परियोजना में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बजट और शर्तें निर्धारित हैं, तो खुले नालों को पहले से क्यों नहीं ढका गया।