अधिकारियों ने कहा कि किसानों की हर समस्या के समाधान को हैं प्रतिबद्ध
गोरखपुर। खरीफ गोष्ठी में किसानों ने खाद बीज के साथ ही छुट्टा पशुओं का मुद्दा उठाया। कहा कि खेतों के किनारे बाड़ लगाने से इस समस्या का समाधान हो सकता है। देवरिया के सीडीओ राजेश कुमार ने नीलगायों के मेल का बधियाकरण का सुझाव दिया। खाद की समस्या पर सहकारिता सचिव ने कहा कि हर जगह पर्याप्त मात्रा में खाद उपलब्ध है, किसान इसके लिए परेशान न हों। वहीं कुछ किसानों ने पराली की समस्या भी गोष्ठी में रखा। अधिकारियों ने कहा कि किसानों की हर समस्या के लिए प्रतिबद्ध हैं।
सिद्धार्थनगर की किसान अनुपमा वर्मा में गोष्ठी में खेतों के किनारे बाड़ लगाने पर बल दिया। कहा कि बाड़ लगने से किसान की फसल का नुकसान नहीं होगा। वहीं बलिया के किसान संतोष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि जंगली और छुट्टा जानवरों से किसान की फसल बर्बाद हो रही है। कटिले तार लगाने से ही इसे रोका जा सकता है। सरकार इसकी व्यवस्था कराए। कहीं-कहीं कुछ मात्रा में तार दिया जा रहा है लेकिन वह पर्याप्त नहीं है।
मऊ के किसान धनेश सिंह, ने अपने जिले में कृषि महाविद्यालय खोलने की मांग उठाई। आजमगढ़ के एफपीओ संचालक रजनीकांत पांडेय ने कहा कि वह एक करोड़ की लागत से किसान ट्रेनिंग सेंटर बनाए हैं। उनकी मांग है कि उनके सेंटर पर दूसरे जिले के किसानों को ट्रेनिंग के लिए भेजा जाए।
आजमगढ़ जिले के सुशील कुमार ने कहा कि सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि किसान रजिस्ट्रेशन करा लें बिजली का बिल माफ हो जाएगा। वह रजिस्ट्रेशन कराए हैं लेकिन बिल माफ नहीं हो रहा है। लगातार बिल बढ़कर आ रहा है। इस पर मंच पर बैठे बिजली विभाग के एमडी शंभू कुमार ने कहा कि 140 यूनिट से अधिक बिजली खर्च होने पर बिल आएगा। संतकबीरनगर के किसान सुरेंद्र राय ने कहा कि पिछले साल तेलंगाना का सोना संभा धान का बीज मंगाया था, वह सोना मिट्टी हो गया। तेलंगाना बेगाना हो गया। यह कहा गया था कि जो नुकसान हुआ उसका मुआवजा मिलेगा लेकिन कुछ नहीं मिला।
संतकबीरनगर के किसान अभिनव पांडेय ने कहा कि उनके वहां 70 प्रतिशत किसान डीजल से खेत की सिंचाई करते हैं, उनकी मांग है कि जिले को बिजली और सोलर से आक्षादित किया जाए। महराजगंज के किसान जर्नादन पटेल ने कहा कि उनके वहां जो पराली एकत्रित होती है उसे धुरियापार में जाना है लेकिन उन लोगों की पराली धरी रह गई लेकिन वहां पराली नहीं गई।
इस अवसर पर अपर मुख्य सचिव मुकेश मेश्राम ने कहा कि चार गोवंश को पालने वाले के खाते में 70 हजार की धनराशि चली जाएगी। पशुओं के लिए शेड बन जाएगा। कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही ने कहा कि किसान की हर समस्या के समाधान के प्रति सरकार प्रतिबद्ध है।