सौरभ सिंह, इंजीनियर निर्माण द्वितीय, चंडीगढ़ उत्तर रेलवे।
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रेलवे में एक अफसर द्वारा मार्मिक ढंग से लिखे गए खत और उनकी संवदेनशीलता की चर्चा सोशल मीडिया पर खूब है। इस अफसर ने अपने मंडल कार्यालय के अधीन कार्यरत एक सेवानिवृत्त ट्रैकमैन को नौ महीने बाद भी समापक राशि और पेंशन नहीं मिलने पर खेत प्रकट करते हुए न सिर्फ पत्र लिखा बल्कि ट्रैकमैन की बेटी की शादी के लिए खुद के खाते से तीन लाख रुपये दे दिए। 30 नवंबर को ट्रैकमैन के बेटी की शादी हो गई। ट्रैकमैन ने शुक्रिया जताते हुए कहा कि साहब ने मेरी लाज रख ली है।
रायबरेली के मुधपुरी निवासी श्याम सुंदर चंडीगढ़ मंडल में टैकमैन थे, इसी वर्ष सेवानिवृत्त हो गए। श्याम सुंदर ने पीएफ, ईपीएफ आदि समापक राशि और पेंशन के लिए आवेदन किया। लेकिन सरकारी लिखा पढ़ी में उनको भुगतान नहीं हो सका। इसी बीच उन्होंने बेटी की शादी 30 नवंबर को तय कर दी।
श्याम सुंदर ने उत्तर रेलवे के चंडीगढ़ के अधिशासी इंजीनियर, निर्माण द्वितीय सौरभ सिंह से मुलाकात की और आपबीती सुनाई। इसके बाद अधिशासी इंजीनियर ने ट्रैकमैन के कागजात तैयार कराने को निर्देश दिए। लेकिन सरकारी लिखा पढ़ी में देरी हो गई।
इसके बाद उन्होंने 27 नवंबर को ट्रैकमैन को पत्र लिखकर कहा कि 'आपकी आवश्यकता को मैं समझता हूं। भुगतान न कराने पर शर्मिंदा हूं। आपकी सेवा और परिस्थितियों को समझते हुए छोटी सी राशि तीन लाख रुपये आपके खाते में ट्रांसफर कर रहा हूं। ताकि कुछ मदद हो सके।'