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मरीज का इलाज करते- करते नर्स को हुआ स्वाइन फ्लू , मेडिकल कॉलेज में हुई पुष्टि

Thu, 13 Feb 2020 11:31 AM IST
vivek shukla डिजिटल न्यूज डेस्क, मेडिकल कॉलेज(गोरखपुर)।

सार

  • निजी अस्पताल में भर्ती स्वाइन फ्लू के मरीज की तीमारदारी में लगी थी ड्यूटी
  • मेडिकल कॉलेज में हुई पुष्टि, अब तक शहर में स्वाइन फ्लू के मिल चुके हैं तीन मरीज
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सांकेतिक तस्वीर।
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विस्तार
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स्वाइन फ्लू के मरीज की तीमारदारी में लगी, एक नर्स इसी बीमारी की चपेट में आ गई। इस नर्स की ड्यूटी निजी अस्पताल में भर्ती स्वाइन फ्लू के मरीज की देख-रेख के लिए लगी थी।  एक दंपती के बाद शहर में यह तीसरी मरीज है, जिसमें स्वाइन फ्लू की पुष्टि हुई है। बीआरडी मेडिकल कॉलेज माइक्रो बायोलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष प्रो. डॉ. अमरेश सिंह ने नर्स के एच1एन1 वायरस संक्रमित होने की पुष्टि की है।
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जानकारी के मुताबिक शहर के शाहपुर थाना क्षेत्र निवासी एक दंपती स्वाइन फ्लू से पीड़ित था। दंपती का इलाज पादरी बाजार क्षेत्र स्थित एक निजी अस्पताल में चल रहा था। अस्पताल की एक नर्स दंपती को सेवाएं दे रही थी। मंगलवार को दंपती को स्वस्थ होने पर डिस्चार्ज कर दिया गया, लेकिन नर्स को खांसी और सांस फूलने की शिकायत होने लगी। अस्पताल प्रबंधन ने स्वाइन फ्लू के लक्षण मिलने पर नर्स की लार का नमूना मेडिकल कॉलेज भेजा।

माइक्रोबायोलॉजी विभागाध्यक्ष प्रो. अमरेश सिंह ने बताया कि जांच में नर्स स्वाइन फ्लू से ग्रस्त पाई गई। उनके मुताबिक स्वाइन फ्लू अब घातक नहीं है इसमें मृत्युदर आधा फीसदी से भी कम है। नर्स केे स्वाइन फ्लू ग्रस्त होने के बारे में निजी अस्पताल के प्रबंधन से जानकारी लेने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका।  एनसीडी सेल प्रभारी डॉ. एसके द्विवेदी ने बताया कि स्वाइन फ्लू नर्स को स्वाइन फ्लू होने के संबंध में अस्पताल से जानकारी मांगी गई है।
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रखें यह सावधानी नहीं होगा स्वाइन फ्लू

एसीएमओ डॉ. नीरज कुमार पांडेय ने बताया कि स्वाइन फ्लू वायरस के संक्रमण से होता है। यदि कोई व्यक्ति खांस या छींक रहा है तो उससे कम से कम पांच फीट दूर रहना चाहिए। खांसी या छींक के जरिए हवा में तैरने वाले वायरस इतनी दूर तक नहीं जा पाते और जमीन पर गिर कर निष्क्रिय हो जाते हैं। खांसते छींकते समय मुंह ढंक लेना चाहिए, ताकि कोई दूसरा व्यक्ति संक्रमित न हो। बीमार व्यक्ति के शरीर को नहीं छुएं। यदि छुआ है तो तुरंत ही साबुन से हाथ धोएं। हाथ के जरिए वायरस आपके शरीर में प्रवेश कर सकता है।
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