- गोरखपुर में यूपी ट्रैवल मार्ट के छठे संस्करण का हुआ भव्य शुभारंभअमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। प्रदेश सरकार की ओर से पर्यटन को बढ़ावा देने के प्रयासों के अब सुखद परिणाम मिलने लगे हैं। यह सार्थक प्रयासों का परिणाम है कि आज काशी और अयोध्या में प्रतिदिन आने वाले आध्यात्मिक पर्यटकों की संख्या निरंतर विश्व रिकॉर्ड बना रही है। यह बातें मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सलाहकार अवनीश अवस्थी ने कही। वह उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग और फेडरेशन ऑफ इंडियन चैंबर्स ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री (फिक्की) के संयुक्त तत्वावधान में बृहस्पतिवार को बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह में यूपी ट्रैवल मार्ट (यूपीटीएम) के छठें संस्करण के उद्घाटन पर बतौर मुख्य अतिथि अपनी बातें रख रहे थे। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में आध्यात्मिक पर्यटन की बढ़ती लोकप्रियता को आधार बताए हुए उन्होंने उम्मीद जताई कि अगले महाकुंभ 2025 में 35 करोड़ श्रद्धालुओं की रिकॉर्ड भीड़ प्रयागराज में स्नान के लिए एकत्र होगी।
इससे पूर्व पांच दिनों तक चलने वाले इस कार्यक्रम का उन्होंने दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। इस दौरान अमृतसर से आए हुए एक टूर ऑपरेटर ने अयोध्या और अमृतसर के बीच सीधी उड़ान सेवा की बात रखी। इस पर अवनीश अवस्थी ने उनकी इस मांग को सरकार और नागरिक उड्डयन मंत्रालय तक तत्काल पहुंचाने का आश्वासन दिया। पर्यटन विभाग के निदेशक प्रखर मिश्रा ने उत्तर प्रदेश में इको-टूरिज्म के विकास पर जोर दिया। विभागीय प्रस्तुति में विशेष सचिव पर्यटन ईशा प्रिया ने दी। उन्होंने विभाग की ओर से किए गए कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर प्रकाश डाला। आईएटीओ के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजीव मेहरा ने उत्तर प्रदेश के पर्यटन विकास में आईएटीओ की भूमिका पर भाषण दिया। उन्होंने कहा कि आईएटीओ राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विभाग के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अंत में आयुक्त गोरखपुर मंडल अनिल ढींगरा ने गोरखपुर मंडल में पर्यटन विकास पर अपनी बातें रखते हुए कहा कि मंडल में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं और पर्यटन विभाग इसे विकसित कर रहा है। उद्घाटन सत्र के समापन पर फिक्की राज्य पर्यटन समिति के अध्यक्ष प्रतीक हीरा ने मौजूद लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। 26 अप्रैल को समापन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र मुख्य अतिथि होंगे। कार्यक्रम में प्रमुख सचिव पर्यटन एवं संस्कृति मुकेश मेश्राम भी उपस्थित रहेंगे।